चंबा का ऐतिहासिक चौगान बेहाल: एकेडमी के बच्चों की दौड़ से उड़ रहा धूल का गुबार, स्थानीय लोग परेशान
चंबा का ऐतिहासिक चौगान बेहाल: एकेडमी के बच्चों की दौड़ से उड़ रहा धूल का गुबार, स्थानीय लोग परेशान
चंबा : जितेन्द्र खन्ना /
चंबा के लोग अभी कोरोना काल का वह समय भूल भी नहीं पाये थे कि अब एकेडमी के बच्चों द्वारा फिर से वही स्थिति पैदा करने में जुट गये है। बताते चले कि एकेडमी से आए करीब सैकड़ों बच्चे रोजाना चंबा के इस ऐतिहासिक चौगान का सीना छन्नी करने लगे हुए है। यह सभी बच्चे रोजाना सांय के समय सैकड़ों की संख्या में चंबा केडी चौगान में पहुंचकर जमकर दौड़ लगाते हुए, तो कुछ बच्चे लोग जम्प, व अन्य खेले खेलते हुए दिहाई देते है। अक्सर देखा जाता है कि इन बच्चों द्वारा मिलो लंबे चौगान के कई कई चक्कर दौड़कर लगाने से चौगान व उसके आसपास का सारा क्षेत्र धूल के गुबार से भर जाता है मानो कोई आंधी घंटों से इस क्षेत्र में चली हो। बच्चों के शिक्षकों द्वारा यह अभ्यास एक दिन का नहीं है बल्कि आए दिन यह रोज का अभ्यास केंद्र बन गया हो। हालांकि इससे पहले इस चौगान में बच्चों से लेकर बड़े बजुर्गबार इसी चौगान में सांय के समय चक्कर लगाकर अपने को स्वस्थ रखने का प्रयास करते देखे जा सकते थे पर जब से इन सैकड़ों एकेडमी के बच्चों ने इस चौगान पर अपना कब्जा जमाया हुआ है तब से इस चौगान में चहल कदमी करने वाले लोग चौगान के भीतर भी नहीं जाते है, और अगर जाए भी तो मुंह में मास्क लगाकर ही अंदर चौगान में जाते है।
चंबा के वरिष्ठ नागरिकों ने इसका कड़ा विरोध करते हुए जिला प्रशासन को घेरते हुए कहा है कि इस चौगान की स्थिति रोजाना बद से बतहर होती जा रही है और प्रशासन आंखे मूंदे चुपचाप देख रहा है। लोगों का कहना है कि अब तो हालात ऐसे बन चुके है कि चौगान में उठते गुब्बार को देखकर क्रोना की याद फिर से जाग उठी है, और इसमें कोई शक नहीं कि अगर यह स्थिति इसी तरह से बनी रही तो क्रोना जैसे महामारी चंबा में फिर से उत्पन्न हो सकती है। चंबा के वरिष्ठ लोग जिला प्रशासन से कड़ी मांग कर रहे है कि इस कारवाही को जल्द से जल्द रोक जाए।

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