हिमाचल प्रदेश में पहली बार पी आई टी - एन डी पी एस के तहत निरुद्ध नशा तस्कर की ₹48.30 लाख की अवैध संपत्ति का जब्तीकरण
हिमाचल प्रदेश में पहली बार पी आई टी - एन डी पी एस के तहत निरुद्ध नशा तस्कर की ₹48.30 लाख की अवैध संपत्ति का जब्तीकरण
*चिट्टा माफिया के आर्थिक नेटवर्क पर निर्णायक कार्रवाई *
नूरपुर से विनय महाजन
जिला पुलिस नूरपुर ने नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्ति के विरुद्ध एक ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की है। नशा तस्कर शमशेर सिंह पुत्र गुरदयाल सिंह की कुल ₹48,30,997 की अवैध संपत्ति को सरकार के पक्ष में जब्त करने का आदेश सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक, सफ़ेम ऐ एवं एनडीपीएस एक्ट , नई दिल्ली द्वारा दिनांक 16.10.2026 को यह मामला पारित किया गया है। यह आदेश स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 की धारा 68-I(1) एवं 68-I(3) के अंतर्गत पारित किया गया है। यह जानकारी एडिशनल एसपी डीसी वर्मा ने देते हुए बताया कि यह हिमाचल प्रदेश में पी आई टी - एन डी पी एस एक्ट के तहत निरुद्ध किए गए नशा तस्कर की अवैध संपत्ति का एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-I के अंतर्गत जब्तीकरण किए जाने का यह पहला मामला है। यह कार्रवाई नशा माफिया के आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में निर्णायक प्रहार है और स्पष्ट संदेश देती है कि नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्ति भी कानून के दायरे से बाहर नहीं है।इस मामले मे दिनांक 30.07.2023 को पुलिस थाना डमटाल के अधीन भदरोया में नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने शमशेर सिंह पुत्र गुरदयाल सिंह, निवासी गांव सीरत तहसील इंदौरा, जिला कांगड़ा हिमाचल प्रदेश के कब्जे से 10.1 ग्राम चिट्टा तथा ₹8,500 बरामद किया गया था । इस संबंध में पुलिस थाना डमटाल में अभियोग संख्या 125/23 दिनांक 30.07.2023, धारा 21/25 एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज कर आरोपी को मोके पर गिरफ्तार किया गया था।जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी नशीले पदार्थों की तस्करी में लगातार संलिप्त रहा है तथा बार-बार गिरफ्तार होने के बावजूद इस अवैध कारोबार में सक्रिय रहा। आरोपी के विरुद्ध कई चिट्टे के मामले पुलिस थाने में पंजीकृत है l आरोपी की लगातार संलिप्तता को ध्यान में रखते हुए जिला पुलिस नूरपुर द्वारा दिनांक 26.09.2024 को सचिव (गृह), हिमाचल प्रदेश सरकार को पी आई टी -एन डी पी एस एक्ट के अंतर्गत निरुद्ध करने हेतु विस्तृत प्रस्ताव भेजा गया था।पुलिस के इस प्रस्ताव पर कार्रवाई करते हुए सक्षम निरुद्ध प्राधिकारी द्वारा दिनांक 20.03.2025 को धारा 3(1), पी आई टी - एन डी पी एस एक्ट के अंतर्गत निरुद्ध आदेश जारी किया गया।आरोपी के विरुद्ध कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए जिला पुलिस नूरपुर ने उसकी चल एवं अचल संपत्तियों की विस्तृत वित्तीय जांच की। वित्तीय जांच के दौरान कुल ₹48,30,997 की संपत्ति की पहचान की गई। पुलिस थाना डमटाल द्वारा दिनांक 12.06.2025 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 68F(1) के अंतर्गत फ्रीजिंग आदेश पारित किया गया, जिसकी पुष्टि सक्षम प्राधिकारी द्वारा दिनांक 09.07.2025 को की गई थी lइसके बाद जिला पुलिस नूरपुर द्वारा संपत्ति को सरकार के पक्ष में जब्त करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई। परिणामस्वरूप, सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक, सफ़ेम (फॉप )ए एवं एनडीपीएस एक्ट , नई दिल्ली ने दिनांक 16.10.2026 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-I(1) एवं 68-I(3) के अंतर्गत उक्त संपत्ति को सरकार के पक्ष में, सभी भारों से मुक्त, जब्त करने का आदेश प पारित किया गया थाl सक्षम प्राधिकारी के आदेश के अनुसार जब्तीकरण की गई कुल ₹48,30,997 की संपत्ति का विवरण निम्नलिखित है:
(क) अचल संपत्ति* गांव छन्नी, तहसील इंदौरा, जिला कांगड़ा स्थित दो मंजिला आवासीय मकान।
- (ख) *ड्रग मनी के रूप में दर्ज राशि कुल ड्रग मनी: ₹2,40,440। *कुल संपत्ति का जब्तीकरण: ₹48,30,997 (अड़तालीस लाख तीस हजार नौ सौ सत्तानवे रुपये)। *नशा माफिया के आर्थिक नेटवर्क पर निर्णायक प्रहार से नशा माफिया की नींद उडी l वर्मा का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य केवल नशा तस्करों को गिरफ्तार करना ही नहीं, बल्कि उनके अवैध कारोबार से अर्जित आर्थिक संसाधनों और संपत्तियों पर भी कानून के तहत प्रभावी कार्रवाई करना है।हिमाचल प्रदेश में अपनी तरह के इस पहले मामले में सक्षम प्राधिकारी द्वारा पारित जब्तीकरण आदेश नशा माफिया के आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में एक निर्णायक कार्रवाई है।


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