वोट चोरी और मतदाता सूची से नाम काटे जाने के गंभीर आरोपों को लेकर सीटू कार्यकत्ताओं ने आज मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाकर कड़ा विरोध दर्ज कराया
वोट चोरी और मतदाता सूची से नाम काटे जाने के गंभीर आरोपों को लेकर सीटू कार्यकत्ताओं ने आज मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाकर कड़ा विरोध दर्ज कराया।इस दौरान जमकर नारेबाजी भी की गई। सीटू की जिला महासचिव सुदेश कुमारी ने सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र और संविधान में विश्वास रखने वाले लोग आज सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं, क्योंकि एसआईआर के नाम पर देश भर में करीब साढ़े 13 करोड़ लोगों के वोट काट दिए गए हैं। सुदेश कुमारी ने इसे जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला और वोट चोरी करार दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि पहले केंद्र की भाजपा सरकार घुसपैठियों की बात करती थी, लेकिन अब सरकार और चुनाव आयोग को यह स्पष्ट करना चाहिए कि जिन करोड़ों लोगों के वोट काटे गए हैं, उनमें से कितने घुसपैठिए हैं। सुदेश कुमारी ने आरोप लगाया कि मीडिया खुलासों से सामने आया है कि अन्य चुनाव आयुक्तों द्वारा कई बार आपत्ति जताए जाने के बावजूद ज्ञानेश कुमार ने उनकी बात नहीं सुनी और अपनी मनमानी चलाई। उन्होंने कहा कि सरकार और चुनाव आयोग की मिलीभगत के बिना इतना बड़ा कदम नहीं उठाया जा सकता। उन्होंने मांग की है कि चुनाव आयुक्त को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए या सरकार उन्हें पद से बर्खास्त करे। साथ ही एसआईआर प्रक्रिया को फौरन रद्द किया जाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए जंतर- मंतर पर रोक लगा रही है, मेट्रो स्टेशन और रास्ते बंद कर रही है तथा आंदोलनकारियों को हिरासत में ले रही है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जनता की आवाज और तानाशाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आने वाले समय में इसके खिलाफ आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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