यूनिटी स्कूल रिवालसर में मनाया भारतीय वायुसेना दिवस, विद्यार्थियों ने जाना लड़ाकू विमानों और महिला पायलटों का शौर्य
यूनिटी स्कूल रिवालसर में मनाया भारतीय वायुसेना दिवस, विद्यार्थियों ने जाना लड़ाकू विमानों और महिला पायलटों का शौर्य
रिवालसर : अजय सूर्या /
यूनिटी पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, रिवालसर में भारतीय वायुसेना दिवस के उपलक्ष्य में विशेष प्रातःकालीन सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को भारतीय वायुसेना के गौरवशाली इतिहास, वीरता, अनुशासन और देश की सुरक्षा में उसके महत्त्वपूर्ण योगदान के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में देशभक्ति, राष्ट्रीय गौरव और राष्ट्रसेवा की भावना को प्रोत्साहित करना रहा।
आधुनिक लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भारतीय वायुसेना के आधुनिक लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, तेजस और मिग-29 जैसे लड़ाकू विमानों की विशेषताओं के बारे में बताया। इसके साथ ही अपाचे एएच-64ई, चिनूक सीएच-47एफ, एमआई-17वी-5 और ध्रुव हेलीकॉप्टरों की उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला गया।
महिला लड़ाकू पायलटों की उपलब्धियों से मिली प्रेरणा
विशेष सभा में भारतीय वायुसेना की महिला अधिकारियों और उनकी उपलब्धियों पर भी चर्चा की गई। इस दौरान देश की पहली महिला लड़ाकू पायलटों में शामिल अवनी चतुर्वेदी, भावना कंठ और मोहना सिंह के योगदान को विद्यार्थियों के सामने रखा गया। उनकी उपलब्धियों से प्रेरणा लेते हुए छात्र-छात्राओं को मेहनत, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।
प्रश्नोत्तरी में विद्यार्थियों ने लिया उत्साहपूर्वक भाग
कार्यक्रम के अंतिम चरण में भारतीय वायुसेना से संबंधित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी जानकारी एवं जागरूकता का प्रदर्शन किया। प्रश्नोत्तरी के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय वायुसेना की कार्यप्रणाली तथा देश की रक्षा में उसकी भूमिका को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिला।
देशभक्ति और अनुशासन अपनाने का दिया संदेश
इस विशेष प्रातःकालीन सभा के माध्यम से विद्यार्थियों को साहस, अनुशासन, समर्पण, सतर्कता और टीम भावना जैसे जीवन मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यालय की यह पहल विद्यार्थियों में भारतीय सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान बढ़ाने और उन्हें जिम्मेदार एवं जागरूक नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करने वाली रही।

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