दिल्ली में लिव-इन पार्टनर से अलगाव के बाद महिला पर तेजाब से हमला, हालत गंभीर
दिल्ली में लिव-इन पार्टनर से अलगाव के बाद महिला पर तेजाब से हमला, हालत गंभीर
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के घोंडा इलाके से एक अत्यंत विचलित करने वाली और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक सिरफिरे आशिक ने अपनी पूर्व लिव-इन पार्टनर के अलग हो जाने से नाराज होकर उस पर तेजाब से जानलेवा हमला कर दिया। इस वीभत्स घटना में पीड़िता लगभग 70 प्रतिशत तक बुरी तरह झुलस गई है, और उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उसे अस्पताल में गंभीर निगरानी में रखा गया है। इस सनसनीखेज वारदात ने एक बार फिर राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था और खुलेआम बिक रहे खतरनाक एसिड की उपलब्धता पर बहुत बड़े और गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी ताजुद्दीन और पीड़िता पहले लिव-इन रिलेशनशिप में रहते थे। कुछ समय पहले दोनों के बीच आपसी मतभेदों और संबंधों में खटास के चलते युवती ने आरोपी से अलग रहने का फैसला किया और उससे दूरी बना ली। आरोप है कि यह बात ताजुद्दीन के अहंकार को नागवार गुजरी और उसने इसी अलगाव का बदला लेने की ठान ली। अपनी खुन्नस को निकालने के लिए आरोपी ने शातिर तरीके से करीब 15 दिनों तक लगातार युवती की गतिविधियों, उसके आने-जाने के रास्तों और समय की रेकी (निगरानी) की। मंगलवार की सुबह जब पीड़िता अपने नियमित कामकाज के सिलसिले में घर से बाहर निकली और रास्ते से गुजर रही थी, तभी ताजुद्दीन ने घात लगाकर उस पर तेजाब उड़ेल दिया और मौके से फरार हो गया।
अचानक हुए इस क्रूर हमले से युवती का शरीर और चेहरा बुरी तरह प्रभावित हुआ है। आसपास के स्थानीय लोगों ने तुरंत सूझबूझ और मानवता दिखाते हुए पीड़िता को गंभीर हालत में नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के मुताबिक, तेजाब के अत्यधिक प्रभाव से युवती लगभग 70 फीसदी तक जल चुकी है और सबसे चिंताजनक बात यह है कि डॉक्टरों ने उसकी आंखों की रोशनी हमेशा के लिए जाने का गंभीर खतरा भी जताया है, जिससे उसका परिवार गहरे सदमे में है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तत्परता दिखाते हुए तुरंत हरकत में आई। पीड़िता और आसपास के लोगों से मिली अहम जानकारियों और सुरागों के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाया और कुछ ही घंटों के भीतर मुख्य आरोपी ताजुद्दीन को धर दबोचा। पुलिस अब आरोपी से हिरासत में पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने इतना खतरनाक तेजाब अवैध रूप से कहां से हासिल किया था और इस साजिश में उसके साथ और कौन-कौन लोग संलिप्त थे। इसके अलावा, आरोपी के मोबाइल फोन और कॉल डिटेल्स को भी खंगाला जा रहा है।
यह पूरी घटना समाज और कानून व्यवस्था के लिए एक गंभीर चेतावनी है। हालांकि देश के सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) के कड़े निर्देशों के बाद बाजार में एसिड की खुली बिक्री पर कड़े प्रतिबंध हैं और दुकानदारों के लिए खरीदार की पहचान दर्ज करना अनिवार्य किया गया है, इसके बावजूद इस तरह के घातक रसायन का आसानी से मिल जाना प्रशासनिक तंत्र की लापरवाही को उजागर करता है। फिलहाल पीड़िता अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है, और पुलिस इस मामले में कानूनी शिकंजा कसते हुए आगे की कड़ी कार्रवाई में जुटी हुई है।

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