डॉ. नितिश कुमार शर्मा ने छोटी उम्र में हासिल किया निदेशक का पद, हिमाचल का नाम किया रोशन
डॉ. नितिश कुमार शर्मा ने छोटी उम्र में हासिल किया निदेशक का पद, हिमाचल का नाम किया रोशन
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में निदेशक नियुक्त, शिक्षा के साथ समाजसेवा और योग के क्षेत्र में भी सक्रिय
नूरपुर : विनय महाजन /
कांगड़ा जिले के चड़ी गांव निवासी डॉ. नितिश कुमार शर्मा ने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में कम उम्र में निदेशक का पद हासिल कर क्षेत्र और हिमाचल का नाम रोशन किया है।
नूरपुर विधानसभा क्षेत्र के छतरौली-जसूर में 4 मार्च 1993 को जन्मे डॉ. नितिश कुमार शर्मा ने बचपन से ही जीवन में कुछ बड़ा हासिल करने का संकल्प लिया और इसके लिए लगातार मेहनत की। उन्होंने मोनाल स्कूल बोड और डीएवी पब्लिक स्कूल नूरपुर से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद जेपी यूनिवर्सिटी सोलन से एमटेक की डिग्री गोल्ड मेडल के साथ हासिल की।
एमटेक के बाद उन्हें चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर के रूप में सेवाएं देने का अवसर मिला। हालांकि, उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और सिविल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में पीएचडी की डिग्री हासिल की। इसके बाद उनके करियर में लगातार नए अवसर जुड़ते गए और अब उन्होंने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में निदेशक का पद हासिल किया है।
डॉ. नितिश कुमार शर्मा शिक्षा के साथ-साथ समाजसेवा के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। अपने समाजसेवी पिता के पदचिह्नों पर चलते हुए उन्होंने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में स्वास्थ्य को लेकर हैप्पी क्लब का गठन किया है। इसके माध्यम से निःशुल्क योग सेवा, गौ सेवा और रक्तदान जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
डॉ. नितिश का कहना है कि सेवा के माध्यम से परम आनंद की अनुभूति होती है। उन्होंने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने गुरुजनों को दिया है। विशेष रूप से उन्होंने विश्व प्रसिद्ध योग गुरु स्वामी रामदेव के मार्गदर्शन और सानिध्य को भी अपनी जीवन यात्रा में महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने बताया कि पढ़ाई के दौरान ही स्वामी रामदेव के सानिध्य में योग की शिक्षा ग्रहण की और बचपन से अब तक योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाए रखा है।
डॉ. नितिश कुमार शर्मा की इस उपलब्धि पर योग गुरु स्वामी रामदेव, पतंजलि योग परिवार जिला कांगड़ा सहित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

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