हिमाचल के अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार ने मजबूती से लड़ी लड़ाई: अनुराग शर्मा
हिमाचल के अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार ने मजबूती से लड़ी लड़ाई: अनुराग शर्मा
नूरपुर : विनय महाजन /
विकास खंड इंदौरा की 58 ग्राम पंचायतों के नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों के प्रशिक्षण एवं सम्मान समारोह का आयोजन शनिवार को किया गया। समारोह में राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। पूर्व विधायक सतपाल रायजादा तथा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव यशवंत खन्ना विशेष रूप से उपस्थित रहे, जबकि इंदौरा के विधायक मलेंद्र राजन ने विशिष्ट अतिथि के रूप में भाग लिया।
समारोह को संबोधित करते हुए अनुराग शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने लगभग तीन वर्ष नौ माह का कार्यकाल पूरा किया है और इस दौरान प्रदेश के सभी वर्गों एवं क्षेत्रों के विकास के लिए विभिन्न कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने सत्ता संभालते समय ‘व्यवस्था परिवर्तन’ का नारा दिया था और इसके परिणाम अब दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अनाथ बच्चों, विधवा महिलाओं, एकल महिलाओं, किसानों, बागवानों और युवाओं के लिए विभिन्न योजनाएं शुरू की गई हैं, जिनका लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने तथा प्रदेश के संसाधनों पर उसके अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
अनुराग शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपने संसाधनों को बढ़ाने के साथ-साथ हिमाचल के अधिकारों की लड़ाई भी मजबूती से आगे बढ़ाई है। उन्होंने 16वें वित्त आयोग के संदर्भ में कहा कि वर्ष 1952 से प्रदेश को मिल रही आरडीजी राशि बंद किए जाने के बावजूद सरकार के प्रयासों से हिमाचल वित्तीय संकट से बाहर निकलकर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कड़छम-वांगतू परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें हिमाचल का मुफ्त बिजली हिस्सा 12 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हुआ है, जिससे प्रदेश को प्रतिवर्ष करीब 150 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होने का दावा किया। वहीं, वाइल्डफ्लावर हॉल मामले में लंबे समय से चल रही कानूनी लड़ाई में सफलता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के खजाने में करीब 450 करोड़ रुपये आए हैं और भविष्य में करीब 20 करोड़ रुपये वार्षिक आय होने की संभावना है।
उन्होंने किशाऊ बांध परियोजना के संबंध में भी प्रदेश के हितों को प्राथमिकता देने की बात कही और करीब 600 करोड़ रुपये वार्षिक आय की संभावना जताई। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने हिमाचल के हितों से समझौता करने के बजाय अपने अधिकारों के लिए मजबूती से पक्ष रखा है।
अनुराग शर्मा ने बताया कि वर्ष 2022-23 में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 2 लाख 14 हजार 952 रुपये थी, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 2 लाख 83 हजार 626 रुपये हो गई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने वर्ष 2032 तक हिमाचल प्रदेश को देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
उन्होंने कहा कि भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड से हिमाचल प्रदेश की लंबित करीब 7,200 करोड़ रुपये की राशि की वसूली, चंडीगढ़ में प्रदेश के 7.19 प्रतिशत हिस्से, शानन परियोजना, बीबीएमबी परियोजनाओं तथा वाटर सेस सहित प्रदेश से जुड़े विभिन्न अधिकारों को लेकर सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। पंचायत प्रतिनिधि सरकार की योजनाओं और नीतियों को आम लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों से ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में एएसपी धर्म चंद वर्मा, एसडीएम डॉ. सुरेंद्र ठाकुर, खंड विकास अधिकारी सुदर्शन सिंह, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष दविंद्र मनकोटिया, प्रधान जर्म सिंह ठाकुर, भोपाल कटोच, सुनीता कटोच, विजय कुमार, विजेंद्र पठानिया सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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