बाल वैज्ञानिकों की प्रतिभा से गूँजा मेहला, 394 प्रतिभागियों ने लिया भाग
बाल वैज्ञानिकों की प्रतिभा से गूँजा मेहला, 394 प्रतिभागियों ने लिया भाग
जिला स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस 2026 का सफल आयोजन; वैज्ञानिक सोच, नवाचार और जिज्ञासा को मिला नया मंच
मेहला (चंबा) : जितेन्द्र खन्ना /
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मेहला, जिला चंबा (हिमाचल प्रदेश) में 16 एवं 17 अक्टूबर 2026 को जिला स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस का आयोजन उत्साह, उमंग और वैज्ञानिक गतिविधियों के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
इस आयोजन में 394 प्रतिभागियों ने भाग लेकर अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा, रचनात्मकता, तार्किक क्षमता और नवाचार का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पुखरी के प्रधानाचार्य अजय चौहान ने किया। उद्घाटन समारोह में उन्होंने विद्यार्थियों को विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने तथा जिज्ञासा, प्रयोग और खोज के माध्यम से सीखने के लिए प्रेरित किया।
समापन समारोह में उप निदेशक, उच्च शिक्षा, चंबा विकास महाजन ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने प्रतिभागियों की वैज्ञानिक गतिविधियों और सीखने के प्रति उत्साह की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि विज्ञान केवल पुस्तकों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन की समस्याओं को समझने और उनके समाधान खोजने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने, नए विचारों को विकसित करने तथा भविष्य में देश और समाज के विकास में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।
विज्ञान पर्यवेक्षक गौरव वैद्य ने सभी विजेता प्रतिभागियों को हार्दिक बधाई दी। साथ ही, उन्होंने उन विद्यार्थियों का भी मनोबल बढ़ाया जो प्रतियोगिताओं में अपेक्षित स्थान प्राप्त नहीं कर सके। उन्होंने प्रेरित किया कि प्रतियोगिता में स्थान प्राप्त करना ही सफलता का एकमात्र मापदंड नहीं है, बल्कि इसमें भाग लेना, अनुभव प्राप्त करना, अपनी कमियों को पहचानना और निरंतर आगे बढ़ना भी वास्तविक सफलता का हिस्सा है।
दो दिवसीय आयोजन ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, वैज्ञानिक विचारों का आदान-प्रदान करने तथा नए अनुभवों से सीखने का अवसर प्रदान किया। ऐसे आयोजन बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक चिंतन, समस्या-समाधान क्षमता, रचनात्मकता और आत्मविश्वास विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
जिला स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस का यह आयोजन इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि आज के जिज्ञासु विद्यार्थी ही कल के वैज्ञानिक, नवाचारी और राष्ट्र निर्माता हैं। जब बच्चों को अपनी जिज्ञासाओं को प्रश्नों में बदलने, प्रयोग करने और नए समाधान खोजने का अवसर मिलता है, तभी विज्ञान की वास्तविक भावना साकार होती है।



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