चिट्टा तस्करी के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई हो, NDPS Act में दंड व्यवस्था की समीक्षा के लिए केंद्र से पहल करे सरकार : अरविंद शर्मा पालमपुर, 17 अक्टूबर 2026 भारतीय जनता पार्टी विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश सह-संयोजक अरविंद शर्मा एवं जिला संयोजक मनोज शर्मा ने संयुक्त पत्रकार वार्ता में प्रदेश में कानून-व्यवस्था और बढ़ते चिट्टा कारोबार को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए प्रदेश सरकार से मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध प्रभावी, निष्पक्ष और कानूनसम्मत कार्रवाई की मांग की। विशेष अदालतों का गठन: NDPS Act के मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतों के गठन की पहल पर उन्होंने प्रदेश सरकार एवं माननीय उच्च न्यायालय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह ऐसे मामलों के शीघ्र निपटारे की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अब इन अदालतों में पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने, प्रभावी अभियोजन सुनिश्चित करने तथा फॉरेंसिक रिपोर्ट समयबद्ध प्राप्त करने की आवश्यकता है, ताकि मामलों का शीघ्र और निष्पक्ष निस्तारण हो तथा दोषसिद्धि होने पर कानून के अनुसार दंड दिया जा सके। पिछली भाजपा सरकार द्वार स्थापित बिंद्राबन पुलिस चौकी बंद क्यों हुई? उन्होंने सवाल उठाया कि बिंद्राबन में स्थापित पुलिस चौकी किन कारणों से बंद की गई? सरकार स्थानीय विधायक एवं पुलिस विभाग स्थिति स्पष्ट करें और क्षेत्र की सुरक्षा आवश्यकताओं को देखते हुए चौकी पुनः खोलने अथवा पर्याप्त पुलिस बल, नियमित गश्त और प्रभावी निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित करें। NDPS Act में दंड व्यवस्था की समीक्षा: चिट्टा बेचने वालों, संगठित तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों और बार-बार अपराध करने वाले आरोपियों के विरुद्ध अधिक प्रभावी दंड व्यवस्था की आवश्यकता का आकलन करते हुए प्रदेश सरकार केंद्र सरकार को आवश्यक विधायी समीक्षा या संशोधन के लिए प्रस्ताव भेजे। कोई भी संशोधन संविधान, विधि के स्थापित सिद्धांतों और निष्पक्ष सुनवाई की आवश्यकताओं के अनुरूप होना चाहिए। राज्य सरकार अपने अधिकार क्षेत्र में आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक सुधार भी करे। शिक्षण संस्थानो कॉलेजों, छात्रावासों और बड़े शिक्षण संस्थानों के आसपास चिट्टा तथा अन्य अवैध मादक पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए विशेष पुलिस दल गठित किए जाएं। नियमित निगरानी, खुफिया सूचना संकलन और आपूर्ति नेटवर्क के विरुद्ध साक्ष्य-आधारित कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि पार्सल बुकिंग, भुगतान, मादक पदार्थों के स्रोत और आपूर्ति नेटवर्क की गहन जांच की जाए। नशे के अवैध कारोबार से अर्जित होने का प्रथमदृष्टया आधार मिलने पर संपत्ति के विरुद्ध NDPS Act और अन्य लागू कानूनों के प्रावधानों के अनुसार, सक्षम प्राधिकारी की प्रक्रिया तथा न्यायिक निगरानी के अधीन कार्रवाई की जाए। ऐसी कार्रवाई में संबंधित व्यक्तियों को कानूनन उपलब्ध नोटिस, सुनवाई और अपील के अधिकारों का पालन सुनिश्चित किया जाए। मादक पदार्थों के नमूनों की जांच के लिए प्रयोगशालाओं की क्षमता बढ़ाई जाए तथा रिपोर्ट समयबद्ध उपलब्ध कराने की व्यवस्था हो, ताकि जांच और अभियोजन अनावश्यक रूप से लंबित न रहें और साक्ष्य की विश्वसनीयता बनी रहे। मकान मालिक और व्यापारी किरायेदारों का उचित सत्यापन करें तथा यह सुनिश्चित करें कि किराये पर देकर अपने मकान, दुकान या अन्य परिसर का उपयोग चिट्टा अथवा अन्य मादक पदार्थों की बिक्री एवं तस्करी जैसे अवैध कार्यों के लिए न होने दें। ऐसी गतिविधियों की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें और जांच में सहयोग दें। हालांकि, केवल परिसर के स्वामित्व या किरायेदारी के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जाना चाहिए; जिम्मेदारी का निर्धारण उपलब्ध साक्ष्यों और कानून के अनुसार हो। उन्होंने कहा कि इस बुराई से निपटना केवल प्रशाशन की जिम्मेदारी नहीं अपितु सामाजिक, धार्मिक एवं जनकल्याणकारी संस्थाएं, व्यापार मंडल, पंचायतें और नागरिक नशे के विरुद्ध संयुक्त अभियान चलाएं। नशा तस्करी में दोषसिद्ध व्यक्तियों के विरुद्ध सामाजिक स्तर पर असहमति व्यक्त की जाए। हालांकि, केवल आरोप या जांच लंबित होने के आधार पर किसी व्यक्ति का सामाजिक उत्पीड़न, बहिष्कार या मानहानि नहीं होना चाहिए। हम सरकार से मांग करते हैं कि चिट्टे की लत से पीड़ित युवाओं के उपचार के लिए अधिक से अधिक गुणवत्तापूर्ण नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र उपमण्डल स्तर पर स्थापित किए जाएं। उपचार के बाद युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, रोजगार और पारिवारिक सहयोग उपलब्ध करवाकर समाज की मुख्यधारा में वापस लाया जाए। जनभागीदारी एवं जवाबदेही: जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग की नियमित समन्वय बैठकें हों। ग्राम पंचायतों को अभियान में सक्रिय रूप से शामिल कर पंचायत स्तर पर अभियान को प्रभावी बनाया जाए। नशा तस्करी के मामलों की जांच, अभियोजन, पुनर्वास सुविधाओं और रोकथाम के प्रयासों की समीक्षा की जाए तथा नागरिकों के लिए सुरक्षित एवं गोपनीय शिकायत व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। अरविंद शर्मा ने कहा कि “पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन्हें सुरक्षित रखना वर्तमान पीढ़ी का दायित्व है।” उन्होंने कहा कि हिमाचल की युवा शक्ति को चिट्टे की गिरफ्त से बचाना केवल सरकार या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का साझा संकल्प होना चाहिए। उन्होंने कहा कि नशा तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई निष्पक्ष, साक्ष्य-आधारित और कानून के दायरे में होनी चाहिए। प्रदेश सरकार को मौजूदा कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन करने के साथ आवश्यक विधायी समीक्षा और सुधारों के लिए केंद्र से पहल करनी चाहिए, ताकि नशे की आपूर्ति के स्रोत पर प्रभावी कार्रवाई हो, दोषसिद्धि होने पर दोषियों को कानून के अनुसार दंड मिले और नशे की लत से पीड़ित युवाओं को नया जीवन मिल सके।पत्रकार वार्ता में जिला भाजपा अध्यक्ष अरविंद मेहता जी जिला सह संयोजक विशाल ठाकुर जी प्रदेश लीगल सेल की सदस्या मनीषा शर्मा उपस्थित रहे।
चिट्टा तस्करी के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई हो, NDPS Act में दंड व्यवस्था की समीक्षा के लिए केंद्र से पहल करे सरकार : अरविंद शर्मा
पालमपुर
भारतीय जनता पार्टी विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश सह-संयोजक अरविंद शर्मा एवं जिला संयोजक मनोज शर्मा ने संयुक्त पत्रकार वार्ता में प्रदेश में कानून-व्यवस्था और बढ़ते चिट्टा कारोबार को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए प्रदेश सरकार से मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध प्रभावी, निष्पक्ष और कानूनसम्मत कार्रवाई की मांग की।विशेष अदालतों का गठन: NDPS Act के मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतों के गठन की पहल पर उन्होंने प्रदेश सरकार एवं माननीय उच्च न्यायालय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह ऐसे मामलों के शीघ्र निपटारे की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अब इन अदालतों में पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने, प्रभावी अभियोजन सुनिश्चित करने तथा फॉरेंसिक रिपोर्ट समयबद्ध प्राप्त करने की आवश्यकता है, ताकि मामलों का शीघ्र और निष्पक्ष निस्तारण हो तथा दोषसिद्धि होने पर कानून के अनुसार दंड दिया जा सके।पिछली भाजपा सरकार द्वार स्थापित बिंद्राबन पुलिस चौकी बंद क्यों हुई? उन्होंने सवाल उठाया कि बिंद्राबन में स्थापित पुलिस चौकी किन कारणों से बंद की गई? सरकार स्थानीय विधायक एवं पुलिस विभाग स्थिति स्पष्ट करें और क्षेत्र की सुरक्षा आवश्यकताओं को देखते हुए चौकी पुनः खोलने अथवा पर्याप्त पुलिस बल, नियमित गश्त और प्रभावी निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित करें।NDPS Act में दंड व्यवस्था की समीक्षा: चिट्टा बेचने वालों, संगठित तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों और बार-बार अपराध करने वाले आरोपियों के विरुद्ध अधिक प्रभावी दंड व्यवस्था की आवश्यकता का आकलन करते हुए प्रदेश सरकार केंद्र सरकार को आवश्यक विधायी समीक्षा या संशोधन के लिए प्रस्ताव भेजे। कोई भी संशोधन संविधान, विधि के स्थापित सिद्धांतों और निष्पक्ष सुनवाई की आवश्यकताओं के अनुरूप होना चाहिए। राज्य सरकार अपने अधिकार क्षेत्र में आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक सुधार भी करे।शिक्षण संस्थानो कॉलेजों, छात्रावासों और बड़े शिक्षण संस्थानों के आसपास चिट्टा तथा अन्य अवैध मादक पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए विशेष पुलिस दल गठित किए जाएं। नियमित निगरानी, खुफिया सूचना संकलन और आपूर्ति नेटवर्क के विरुद्ध साक्ष्य-आधारित कार्रवाई हो।उन्होंने कहा कि पार्सल बुकिंग, भुगतान, मादक पदार्थों के स्रोत और आपूर्ति नेटवर्क की गहन जांच की जाए। नशे के अवैध कारोबार से अर्जित होने का प्रथमदृष्टया आधार मिलने पर संपत्ति के विरुद्ध NDPS Act और अन्य लागू कानूनों के प्रावधानों के अनुसार, सक्षम प्राधिकारी की प्रक्रिया तथा न्यायिक निगरानी के अधीन कार्रवाई की जाए। ऐसी कार्रवाई में संबंधित व्यक्तियों को कानूनन उपलब्ध नोटिस, सुनवाई और अपील के अधिकारों का पालन सुनिश्चित किया जाए। मादक पदार्थों के नमूनों की जांच के लिए प्रयोगशालाओं की क्षमता बढ़ाई जाए तथा रिपोर्ट समयबद्ध उपलब्ध कराने की व्यवस्था हो, ताकि जांच और अभियोजन अनावश्यक रूप से लंबित न रहें और साक्ष्य की विश्वसनीयता बनी रहे। मकान मालिक और व्यापारी किरायेदारों का उचित सत्यापन करें तथा यह सुनिश्चित करें कि किराये पर देकर अपने मकान, दुकान या अन्य परिसर का उपयोग चिट्टा अथवा अन्य मादक पदार्थों की बिक्री एवं तस्करी जैसे अवैध कार्यों के लिए न होने दें। ऐसी गतिविधियों की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें और जांच में सहयोग दें। हालांकि, केवल परिसर के स्वामित्व या किरायेदारी के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जाना चाहिए; जिम्मेदारी का निर्धारण उपलब्ध साक्ष्यों और कानून के अनुसार हो।उन्होंने कहा कि इस बुराई से निपटना केवल प्रशाशन की जिम्मेदारी नहीं अपितु सामाजिक, धार्मिक एवं जनकल्याणकारी संस्थाएं, व्यापार मंडल, पंचायतें और नागरिक नशे के विरुद्ध संयुक्त अभियान चलाएं। नशा तस्करी में दोषसिद्ध व्यक्तियों के विरुद्ध सामाजिक स्तर पर असहमति व्यक्त की जाए। हालांकि, केवल आरोप या जांच लंबित होने के आधार पर किसी व्यक्ति का सामाजिक उत्पीड़न, बहिष्कार या मानहानि नहीं होना चाहिए।हम सरकार से मांग करते हैं कि चिट्टे की लत से पीड़ित युवाओं के उपचार के लिए अधिक से अधिक गुणवत्तापूर्ण नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र उपमण्डल स्तर पर स्थापित किए जाएं। उपचार के बाद युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, रोजगार और पारिवारिक सहयोग उपलब्ध करवाकर समाज की मुख्यधारा में वापस लाया जाए।जनभागीदारी एवं जवाबदेही: जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग की नियमित समन्वय बैठकें हों। ग्राम पंचायतों को अभियान में सक्रिय रूप से शामिल कर पंचायत स्तर पर अभियान को प्रभावी बनाया जाए। नशा तस्करी के मामलों की जांच, अभियोजन, पुनर्वास सुविधाओं और रोकथाम के प्रयासों की समीक्षा की जाए तथा नागरिकों के लिए सुरक्षित एवं गोपनीय शिकायत व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।अरविंद शर्मा ने कहा कि “पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन्हें सुरक्षित रखना वर्तमान पीढ़ी का दायित्व है।” उन्होंने कहा कि हिमाचल की युवा शक्ति को चिट्टे की गिरफ्त से बचाना केवल सरकार या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का साझा संकल्प होना चाहिए।उन्होंने कहा कि नशा तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई निष्पक्ष, साक्ष्य-आधारित और कानून के दायरे में होनी चाहिए। प्रदेश सरकार को मौजूदा कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन करने के साथ आवश्यक विधायी समीक्षा और सुधारों के लिए केंद्र से पहल करनी चाहिए, ताकि नशे की आपूर्ति के स्रोत पर प्रभावी कार्रवाई हो, दोषसिद्धि होने पर दोषियों को कानून के अनुसार दंड मिले और नशे की लत से पीड़ित युवाओं को नया जीवन मिल सके।पत्रकार वार्ता में जिला भाजपा अध्यक्ष अरविंद मेहता जी जिला सह संयोजक विशाल ठाकुर जी प्रदेश लीगल सेल की सदस्या मनीषा शर्मा उपस्थित रहे।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें