चौधरी चंद्र कुमार द्वारा तबादलों का मुद्दा कैबिनेट में उठाना जायज, लेकिन बूथ और मंडल स्तर के कार्यकर्ताओं की अनदेखी भी बंद हो: साधू राम राणा
चौधरी चंद्र कुमार द्वारा तबादलों का मुद्दा कैबिनेट में उठाना जायज, लेकिन बूथ और मंडल स्तर के कार्यकर्ताओं की अनदेखी भी बंद हो: साधू राम राणा
ज्वाली विधानसभा में राजनीतिक अनदेखी पर उठाए सवाल, कहा—विधायक से लेकर जमीनी कार्यकर्ता तक सभी को मिलना चाहिए उचित सम्मान
ज्वाली विधानसभा क्षेत्र में सरकारी कर्मचारियों के तबादलों को लेकर बाहरी हस्तक्षेप का मुद्दा कैबिनेट मंत्री चौधरी चंद्र कुमार द्वारा कैबिनेट बैठक में उठाए जाने को पूर्व पंचायत समिति सदस्य एवं डोल पधर पंचायत निवासी साधू राम राणा ने जायज ठहराया है। हालांकि, उन्होंने सवाल उठाया कि जब विधानसभा क्षेत्र के विधायक और मंत्री से जुड़े मामलों में हस्तक्षेप का मुद्दा उठाया जा सकता है, तो बूथ और मंडल स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं की अनदेखी होने पर उनकी आवाज क्यों नहीं सुनी जाती?
साधू राम राणा ने कहा कि ज्वाली विधानसभा क्षेत्र में सरकारी कर्मचारियों के तबादलों को लेकर मौजूदा विधायक एवं कैबिनेट मंत्री चौधरी चंद्र कुमार की सहमति के बिना फैसले होने का मामला गंभीर है। उन्होंने कहा कि इस विषय को मुख्यमंत्री के समक्ष कैबिनेट बैठक में उठाना उचित माना जा सकता है, लेकिन पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं की समस्याओं और शिकायतों पर भी इसी गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए।
राणा ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले नेता बूथ स्तर पर गठित कमेटियों की सहमति से काम करने और कार्यकर्ताओं को विश्वास में लेने की बात करते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद कई बार कार्यकर्ताओं की राय को नजरअंदाज कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि जब बूथ और मंडल स्तर के कार्यकर्ता अपनी उपेक्षा के खिलाफ आवाज उठाते हैं, तो उनकी सुनवाई नहीं होती और उन्हें निराशा का सामना करना पड़ता है।
ज्वाली से राजेश कतनौरिया !
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