साईगलू स्कूल में नशे के खिलाफ जागरूकता संवाद, विद्यार्थियों को बताए दुष्प्रभाव
साईगलू स्कूल में नशे के खिलाफ जागरूकता संवाद, विद्यार्थियों को बताए दुष्प्रभाव
हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति ने स्वास्थ्य, नशे के कानूनी पहलुओं और सामाजिक जिम्मेदारी पर किया जागरूक
अजय सूर्या मंडी, 13 अक्टूबर। हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति की ओर से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला साईगलू में नशा एवं स्वास्थ्य विषय पर संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं को नशे के बढ़ते प्रचलन, इसके दुष्प्रभावों तथा शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों के प्रति जागरूक करना रहा। इस दौरान विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज में जागरूकता फैलाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति के जिला सचिव गजेंद्र शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के बच्चे ही देश का भविष्य हैं। इसलिए उन्हें अपनी क्षमताओं को पहचानते हुए जिम्मेदार नागरिक बनना चाहिए। उन्होंने शारीरिक एवं मानसिक रूप से सशक्त बनने, जंक फूड से परहेज करने, संतुलित आहार अपनाने और किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों से दूर रहकर स्वस्थ जीवन जीने का आह्वान किया।
स्वास्थ्य विभाग से जुड़े नरेंद्र कौशल ने नशे के सेवन से शरीर और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने नशे से जुड़ी वैज्ञानिक जानकारियों के माध्यम से विद्यार्थियों को इसके गंभीर परिणामों के प्रति सचेत किया।
वहीं, पुलिस थाना कोटली के सहायक उपनिरीक्षक बृजभूषण ने नशीले पदार्थों की तस्करी, इससे जुड़े कानूनी प्रावधानों और नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने में युवाओं एवं समाज की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को नशे के खिलाफ जागरूक रहने और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।
समिति से लंबे समय से जुड़े दया राम चौहान ने चलचित्र के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों को समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने घर और आसपास नशे से प्रभावित लोगों को जागरूक करने की अपील की।
समिति की जिला सह सचिव विनय कुमारी ने कहा कि नशे जैसी गंभीर सामाजिक समस्या से निपटने के लिए केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए समाज, शैक्षणिक संस्थानों, अभिभावकों, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस को मिलकर सामूहिक प्रयास करने होंगे। उन्होंने नशामुक्त समाज के निर्माण में जनभागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य सुरेंद्र कुमार ने नशे के विरुद्ध जन-जागरूकता को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि युवाओं को नशे से बचाना और उन्हें स्वस्थ, जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ऐसे संवाद कार्यक्रम विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने और नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर, नशे से दूरी बनाकर और समाज में जागरूकता फैलाकर ही नशामुक्त एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में प्रभावी योगदान दिया जा सकता है।
>
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें