नूरपुर में रामलीला के दूसरे दिन श्रवण कुमार प्रसंग ने दर्शकों को किया भावुक
नूरपुर में रामलीला के दूसरे दिन श्रवण कुमार प्रसंग ने दर्शकों को किया भावुक
(नूरपुर:-विनय महाजन)
नूरपुर में आयोजित राजा साहिब दशहरा एवं रामलीला महोत्सव के दूसरे दिन की रामलीला में श्रवण कुमार प्रसंग का भावपूर्ण मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने अभिनय के माध्यम से माता-पिता के प्रति सेवा, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश दिया। श्रवण कुमार के प्रसंग को देखकर रामलीला देखने पहुंचे दर्शक भावुक हो उठे।राजा साहिब दशहरा एवं रामलीला क्लब नूरपुर की ओर से इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन का आयोजन नूरपुर के ऐतिहासिक किले में किया जा रहा है। पुरातत्व विभाग के संरक्षण में स्थित यह ऐतिहासिक किला क्षेत्र की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां आयोजित होने वाला राजा साहिब दशहरा एवं रामलीला महोत्सव दस दिनों तक चलता है, जिसमें स्थानीय लोगों के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु और दर्शक पहुंचते हैं।रामलीला के दूसरे दिन श्रवण कुमार की भूमिका जानिक (जानू) ने निभाई। वहीं, राजा दशरथ की भूमिका राहुल गुप्ता तथा गुरु वशिष्ठ की भूमिका प्रवेश धीमान ने अदा की। तीनों कलाकारों ने अपने अभिनय से प्रसंग को जीवंत बनाने का प्रयास किया। विशेष रूप से श्रवण कुमार के रूप में जानिक (जानू) के अभिनय ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।श्रवण कुमार का प्रसंग भारतीय संस्कृति में माता-पिता की सेवा और आज्ञापालन का प्रतीक माना जाता है। रामायण से जुड़ी इस कथा के माध्यम से दर्शकों को अपने माता-पिता के प्रति सम्मान, प्रेम और समर्पण की प्रेरणा मिलती है। रामलीला का उद्देश्य केवल धार्मिक कथाओं का मंचन करना ही नहीं, बल्कि समाज में नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखना भी है।राजा साहिब दशहरा एवं रामलीला क्लब नूरपुर द्वारा आयोजित इस महोत्सव के माध्यम से स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा है। ऐतिहासिक किले में आयोजित रामलीला नूरपुर की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकजुटता को भी दर्शाती है। आगामी दिनों में रामलीला के अन्य प्रसंगों का मंचन किया जाएगा, जिन्हें देखने के लिए क्षेत्र के लोगों में उत्साह बना हुआ है।

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