यूनिटी पब्लिक स्कूल रिवालसर में मनाया अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस, बालिका शिक्षा और समानता का दिया संदेश
यूनिटी पब्लिक स्कूल रिवालसर में मनाया अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस, बालिका शिक्षा और समानता का दिया संदेश
महान महिलाओं के संघर्ष और उपलब्धियों से विद्यार्थियों ने ली प्रेरणा, प्रधानाचार्य डी.डी. शर्मा ने बालिकाओं के सम्मान और सशक्तिकरण पर दिया जोर
अजय सूर्या रिवालसर।
यूनिटी पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, रिवालसर में सोमवार, 12 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष्य में विशेष प्रातःकालीन सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने बालिकाओं के अधिकारों, शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और लैंगिक समानता के महत्व पर विचार साझा किए। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में बालिकाओं के प्रति सम्मान और महिला सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस प्रतिवर्ष 11 अक्टूबर को मनाया जाता है। इस वर्ष रविवार होने के कारण विद्यालय में सोमवार को विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए बालिकाओं को समान अवसर प्रदान करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने कल्पना चावला, मैरी क्यूरी, सावित्रीबाई फुले, किरण बेदी और पी.वी. सिंधु जैसी प्रेरणादायक महिलाओं के जीवन एवं उपलब्धियों को याद किया। उन्होंने बताया कि इन महान महिलाओं ने अपने संघर्ष, साहस, दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास के बल पर विभिन्न क्षेत्रों में सफलता हासिल कर समाज के सामने प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किए हैं।
सभा में बालिका शिक्षा, महिला सुरक्षा, लैंगिक समानता और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में बालिकाओं को समान अवसर देने पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही विषय पर आधारित रोचक प्रश्नोत्तरी भी आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी जानकारी और जागरूकता का परिचय दिया।
बालिकाओं को मिले आगे बढ़ने के समान अवसर : प्रधानाचार्य
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री डी.डी. शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बालिकाओं की शिक्षा, उनके सम्मान और उन्हें समान अवसर प्रदान करना एक सशक्त एवं प्रगतिशील समाज के निर्माण के लिए आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से बालिकाओं के अधिकारों का सम्मान करने और समानता पर आधारित समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि प्रत्येक बालिका को शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और अपने सपनों को साकार करने के समान अवसर मिलने चाहिए। बालिकाओं को सशक्त बनाकर ही समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत की जा सकती है।

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