‘सरकार गाँव के द्वार’ कार्यक्रम में कृषि मंत्री प्रो. चन्द्र कुमार ने पद्दर में सुनीं जनसमस्याएं
‘सरकार गाँव के द्वार’ कार्यक्रम में कृषि मंत्री प्रो. चन्द्र कुमार ने पद्दर में सुनीं जनसमस्याएं
नूरपुर : विनय महाजन /
नूरपुर कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चन्द्र कुमार ने आज ‘सरकार गाँव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत ज्वाली विधानसभा क्षेत्र की पद्दर पंचायत में लोगों से संवाद कर उनकी जनसमस्याएं सुनीं। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पद्दर के प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।कृषि मंत्री ने पंचायत क्षेत्र में बिजली, पानी और सड़क से जुड़ी छोटी-छोटी समस्याओं का मौके पर संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को इनके समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रशासन को गांवों तक पहुंचाकर लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।उन्होंने पद्दर स्कूल प्रबंधन तथा पंचायतवासियों द्वारा रखी गई मांगों को भी सुना और संबंधित अधिकारियों को मांगों पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
प्रो. चन्द्र कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने और जनहित के कार्यों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि कोटला पुलिस चौकी का दर्जा बढ़ाकर पुलिस थाना किया गया है। इसके अतिरिक्त, कोटला स्कूल को सीबीएसई पाठ्यक्रम से संबद्ध किया गया है, ताकि क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बेहतर अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि विकास कार्यों का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचे और लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि अपने चार दशक के राजनीतिक जीवन में उन्होंने ज्वाली विधानसभा क्षेत्र के विकास और जनसुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य किया है। क्षेत्र में सड़क, शिक्षा,बिजली,पेयजल और अन्य आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण उनकी प्राथमिकताओं में रहा है। केंद्र सरकार की नीतियों पर टिप्पणी करते हुए प्रो. चन्द्र कुमार ने कहा कि देश में महंगाई और पेपर लीक जैसी समस्याएं चिंता का विषय हैं। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर जोर देते हुए विशेष गहन पुनरीक्षण के संदर्भ में कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान किसी भी पात्र नागरिक का नाम न छूटे और सभी योग्य मतदाताओं के मताधिकार सुरक्षित रहें। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पारदर्शिता और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा सर्वोपरि है।

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