आधुनिक पब्लिक स्कूल, जसूर (मठोली) में करवाचौथ पर मेहंदी एवं कविता-गायन प्रतियोगिताओं का आयोजन, विजेताओं को किया सम्मानित
आधुनिक पब्लिक स्कूल, जसूर (मठोली) में करवाचौथ पर मेहंदी एवं कविता-गायन प्रतियोगिताओं का आयोजन, विजेताओं को किया सम्मानित
जसूर : राकेश शर्मा /
जसूर (मठोली), कांगड़ा
करवाचौथ के पावन अवसर पर आधुनिक पब्लिक स्कूल, जसूर (मठोली) में विद्यार्थियों की प्रतिभा, रचनात्मकता, आत्मविश्वास एवं सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मेहंदी एवं कविता-गायन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिताओं के उपरांत विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया।
कविता-गायन प्रतियोगिता में नन्हे-मुन्नों ने बटोरी तालियाँ
विद्यालय में नर्सरी से यू.के.जी. तक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित कविता-गायन प्रतियोगिता आकर्षण का केंद्र रही। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपनी मधुर आवाज़, सुंदर उच्चारण, हाव-भाव एवं आत्मविश्वास के साथ कविताएँ प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।
इस प्रतियोगिता का उद्देश्य बच्चों में भाषा कौशल, स्मरण शक्ति, अभिव्यक्ति क्षमता एवं मंच पर प्रस्तुति देने के आत्मविश्वास को विकसित करना था।
कविता-गायन प्रतियोगिता के कक्षावार प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी इस प्रकार हैं—
नर्सरी-A: आश्वी, रियांशी एवं के. आर. क्रिस्टी
नर्सरी-B: दीशिता, आयुष एवं प्रियांशी
एल.के.जी.-A: माहिरा, प्रियांशी, दीपांशी एवं आगमजोत
एल.के.जी.-B: विरांश, हरदंश एवं अथर्व
यू.के.जी.-A: याशिका, आयांश एवं खुशांत
यू.के.जी.-B: गर्व एवं अनाया
सभी नन्हे विजेताओं ने अपनी-अपनी कक्षा में उत्कृष्ट कविता-प्रस्तुति देकर प्रथम स्थान प्राप्त किया।
मेहंदी प्रतियोगिता में लगभग 150 विद्यार्थियों ने लिया भाग
कार्यक्रम की दूसरी प्रमुख प्रतियोगिता मेहंदी प्रतियोगिता रही, जिसमें कक्षा पहली से दसवीं तक के लगभग 150 विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने अपने टीम-पार्टनर के हाथों पर आकर्षक एवं सुंदर मेहंदी डिजाइन बनाकर अपनी कलात्मक प्रतिभा, रचनात्मक सोच और बारीकियों पर ध्यान देने की क्षमता का परिचय दिया।
इस प्रतियोगिता की विशेष बात यह रही कि विजेता का चयन मेहंदी डिजाइन बनाने वाले प्रतियोगी के प्रदर्शन के आधार पर किया गया, जबकि जिसके हाथ पर मेहंदी लगाई गई, उसे सहयोगी के रूप में शामिल किया गया। इस व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों की वास्तविक कलात्मक प्रतिभा और कौशल को उचित पहचान देना था।
मेहंदी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की कक्षावार सूची इस प्रकार है—
कक्षा पहली-A: रियांशी
कक्षा पहली-B: वेदिका
कक्षा दूसरी: अमायरा
कक्षा तीसरी: पूर्वी
कक्षा चौथी: काव्या
कक्षा पाँचवीं: अंशिका एवं अनाहिता
कक्षा छठी: पल्लवी, अंशिका, श्रुति, नक्षिता, रूबिका एवं कृतिका
कक्षा सातवीं: आराधना, कणिका, नंदिनी एवं सनाह
कक्षा आठवीं: सेजल, श्रुति, नक्षिता, रावी, अर्पिता एवं आंशिका
कक्षा नौवीं: आकांक्षा, कृति, रिधिमा, सेजल एवं साक्षी
कक्षा दसवीं: माहिरा
मेहंदी प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की मेहनत, कलात्मक कौशल एवं आकर्षक डिजाइनों की सराहना की गई।
विजेताओं को किया सम्मानित, विद्यार्थियों का बढ़ाया उत्साह
विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुशवीन पठानिया एवं निर्मल ठाकुर ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान प्रदान करना ही नहीं, बल्कि उनकी छिपी हुई प्रतिभाओं को पहचानना, उन्हें निखारना तथा जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करना भी है।
उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में जीतना निश्चित रूप से खुशी की बात है, लेकिन उसमें भाग लेना, पूरे मन से प्रयास करना और निरंतर सीखते रहना ही सच्ची सफलता की पहचान है। ऐसी गतिविधियाँ विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, रचनात्मकता, आत्मविश्वास एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को मजबूत बनाती हैं।
विद्यालय प्रबंधन ने सभी विजेताओं एवं प्रतिभागियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, जिससे अन्य विद्यार्थियों को भी आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने की प्रेरणा मिली।
आयोजन को सफल बनाने में अध्यापकों का योगदान
इस सम्मान एवं पुरस्कार वितरण समारोह को व्यवस्थित एवं सफल बनाने में विद्यालय के समस्त अध्यापकगण का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस अवसर पर कीर्ति, रजनी, निकिता, ललिता, सुमन, शिवालिका, अदिति, सुचेता, मंजु, गुलशन, दीपिका, आँचल, वंदना, सरला, मधु, रीना, लीना, मोहित एवं राजेश ने सभी प्रतिभागियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
विद्यालय परिवार ने इस आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया कि प्रत्येक विद्यार्थी में कोई न कोई विशेष प्रतिभा होती है। आवश्यकता केवल उसे पहचानने, सही दिशा देने और निखारने की है।

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