कन्सा डंपिंग साइट हटाने की मांग पर दूसरे दिन भी क्रमिक भूख हड़ताल
कन्सा डंपिंग साइट हटाने की मांग पर दूसरे दिन भी क्रमिक भूख हड़ताल
ग्रामीणों का आंदोलन जारी, प्रशासन की चुप्पी पर रोष; मांग पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
नेरचौक : अजय सूर्या /
कन्सा डंपिंग साइट को हटाने की मांग को लेकर स्थानीय ग्रामीणों की क्रमिक भूख हड़ताल रविवार को दूसरे दिन भी जारी रही। डंपिंग साइट की समस्या को लेकर ग्रामीणों में रोष लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन की कथित चुप्पी पर नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांग पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से कन्सा डंपिंग साइट के कारण क्षेत्र में गंदगी, दुर्गंध और पर्यावरण प्रदूषण की समस्या बनी हुई है। आबादी और जलस्रोतों के समीप कचरा डाले जाने से लोगों के स्वास्थ्य तथा पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। ग्रामीणों ने प्रशासन से डंपिंग साइट को हटाने की दिशा में जल्द ठोस निर्णय लेने की मांग की।
किसान सभा, महिला व युवक मंडलों का समर्थन
आंदोलन को किसान सभा, महिला मंडलों और युवक मंडलों का भी पूर्ण सहयोग मिल रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि समस्या को लेकर कई बार प्रशासन के समक्ष आवाज उठाई जा चुकी है, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि मांग पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
गौरक्षक दल ने भी दिया समर्थन
गौरक्षक दल के उपाध्यक्ष अनिल चौधरी ने क्रमिक भूख हड़ताल का समर्थन करते हुए कहा कि वह जिला परिषद सदस्य अनिल सैनी और क्षेत्र के ग्रामीणों के साथ खड़े हैं। उन्होंने डंपिंग साइट की समस्या का स्थायी समाधान करने और ग्रामीणों की मांग पर गंभीरता से कार्रवाई करने की मांग की।
NOC को लेकर पूर्व प्रधान ने दी सफाई
वहीं, पूर्व स्यांह पंचायत प्रधान ने NOC को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों में कोई आधार नहीं है। साथ ही उन्होंने कन्सा डंपिंग साइट हटाने की ग्रामीणों की मांग का समर्थन करते हुए आंदोलन के साथ खड़े रहने की बात कही।
अब सभी की नजरें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं। ग्रामीणों ने दो टूक कहा है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और उग्र एवं व्यापक किया जाएगा।
फोटो कैप्शन: कन्सा डंपिंग साइट हटाने की मांग को लेकर क्रमिक भूख हड़ताल के दूसरे दिन धरने पर बैठे ग्रामीण।

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