भगवान श्री कृष्ण के मंदिर में भाजपा के एक वर्ग की सियासी राजनीति अधिक भीड़ से बचने के लिए अलग-अलग आए थे
भगवान श्री कृष्ण के मंदिर में भाजपा के एक वर्ग की सियासी राजनीति अधिक भीड़ से बचने के लिए अलग-अलग आए थे
(नूरपुर:-विनय महाजन)
नूरपुर प्रदेश स्तरीय जन्माष्टमी मेले के पहले दिन भाजपा के नेताओं द्वारा अलग-अलग आने’ पर भाजपा विधायक रणवीर सिंह निक्का से अलग-अलग शोभायात्राएं निकालने के विषय मे स्पष्ट रूप से कहा कि सभी अपने-अपने समर्थकों के साथ भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद लेने आए थेl इसी दौरान कांगड़ा चंबा लोकसभा सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस मामले मे दूसरे लोगों से पूछा जाना चाहिए।तभी मौके को संभालते हुए विधायक रणबीर सिंह निक्का ने कहा कि अलग-अलग आने का उद्देश्य भीड़ अधिक होने का कारण रहा l कांगड़ा चंबा लोकसभा सांसद डा राजीव भारद्वाज के जबाब मे पूर्व मंत्री राकेश पठानिया ने कहा कि भाजपा एक अनुशासनात्मक पार्टी है इसलिए सांसद को मिडिया से ठीक भाषा में बातचीत करनी चाहिए थी।वीते कल पूर्व मंत्री राकेश पठानिया की रैली में सियासी नारे लगने से क्षेत्र में राजनीति का माहौल गर्म हो गया है l वीजेपी के पूर्व मंत्री राकेश पठानिया से जब अलग शोभायात्रा निकालने का कारण पूछा गया तो उन्होंने इसे अपने ‘नूरपुर परिवार’ के साथ भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद लेने का अवसर बताया। उन्होंने कहा कि वह अपने पोते की पहली जन्माष्टमी पर परिवार और नूरपुर की जनता के साथ कृष्ण जी का आशीर्वाद लेने पहुंचे हैं।हालांकि उनकी शोभायात्रा के दौरान ‘राकेश पठानिया जिंदाबाद’ और नूरपुर क्षेत्र की अपनी मजबूरी हैl समर्थकों का जोश ऐसा था कि कई जगह उन्हें कंधों पर उठाकर आगे ले जाया गयाl उनके इन बयानों को आगामी विधानसभा चुनाव की सियासत से जोड़कर भी देखा जा रहा है।इस मामले मे वरिष्ठ कांग्रेस नेता व पूर्व विधायक अजय महाजन ने स्पष्ट रूप से कहा कि धार्मिक स्थलों पर राजनीति का सवाल ही नहीं होता l वहीं कांग्रेस के पूर्व विधायक अजय महाजन ने कहा कि सभी भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद लेने और माथा टेकने आए हैं तथा वह इस अवसर पर कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं करना चाहते। क्षेत्र वासियों का कहना है कि मंदिर में नूरपुर में इस बार कान्हा की बांसुरी और सियासत का बिगुल एक साथ सुनाई दिया। फर्क बस इतनी थी कि भक्तों की नजर भगवान के दरबार पर थी l

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