मुख्यमंत्री सुक्खू का एकमात्र एजेंडा अपनी कुर्सी बचाना : जयराम ठाकुर 

 मुख्यमंत्री सुक्खू का एकमात्र एजेंडा अपनी कुर्सी बचाना : जयराम ठाकुर 


सुंदरनगर पूर्व कर्मचारी सम्मेलन में बोले पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष : कांग्रेस राज में हिमाचल बदहाल, सड़कें खस्ता, कर्मचारी सड़कों पर और विकास ठप




​सुंदरनगर/मंडी : हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश की सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार के खिलाफ चौतरफा हमला बोला है। सुंदरनगर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व कर्मचारी प्रकोष्ठ के संगठनात्मक जिला स्तरीय सम्मेलन को संबोधित करने के उपरांत पत्रकारों से बातचीत में जयराम ठाकुर ने सरकार की कार्यप्रणाली, कर्मचारियों की अनदेखी, बदहाल बुनियादी ढांचे और हाल ही में सामने आई कैग की रिपोर्ट को लेकर राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार का ध्यान जनहित के सरोकारों से पूरी तरह भटक चुका है और मुख्यमंत्री का एकमात्र एजेंडा अपनी कुर्सी बचाना रह गया है।


​कैग रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितताओं के खुलासे



​नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि इसमें राज्य के वित्तीय प्रबंधन को लेकर बेहद चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह रिपोर्ट वर्तमान कांग्रेस सरकार के कार्यकाल और उसकी कार्यप्रणाली पर आधारित है। जयराम ठाकुर ने बताया कि वे और उनकी टीम इस रिपोर्ट के हर पहलू और आंकड़े का गहराई से विस्तृत अध्ययन कर रहे हैं। अध्ययन पूरा होने के बाद तथ्यों और सबूतों के साथ पूरी स्थिति को प्रदेश की जनता के सामने रखा जाएगा, ताकि सरकार की वित्तीय कुप्रबंधन और अनियमितताओं की पोल खुल सके।



​खस्ताहाल सड़कें और सुरक्षा मानकों की अनदेखी


​मंडी सहित पूरे प्रदेश में सड़कों की जर्जर स्थिति और मंडी जिला मुख्यालय के समीप हुए जानलेवा हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि आज राज्य की लाइफलाइन कही जाने वाली सड़कें हादसों का कारण बन रही हैं। पूरे प्रदेश में सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं, तीखे मोड़ों पर पैरापेट गायब हैं और सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। उन्होंने पूर्व भाजपा सरकार के कार्यों की तुलना करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान 4,700 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण और पक्कीकरण कर दूर-दराज के गांवों तक कनेक्टिविटी पहुंचाई गई थी। इसके विपरीत, मौजूदा सरकार को आम जनता की सुरक्षा और सुविधाओं से कोई लेना-देना नहीं रह गया है।


​कर्मचारियों, पेंशनर्स और युवाओं में आक्रोश


​कर्मचारियों और युवाओं की दुर्दशा पर बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में कर्मचारी, सेवानिवृत्त पेंशनर्स और बेरोजगार युवा सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हैं। उन्होंने आंकड़े साझा करते हुए कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के समय राज्य में कर्मचारियों की संख्या 1.92 लाख थी, जो वर्तमान सरकार की नीतियों के कारण घटकर मात्र 1.75 लाख रह गई है। रोजगार के अवसर समाप्त कर दिए गए हैं। जयराम ठाकुर ने याद दिलाया कि शांता कुमार, प्रो. प्रेम कुमार धूमल और उनकी सरकार के समय ही कर्मचारियों को वेतन आयोग का लाभ मिला। वर्ष 2021 में भाजपा सरकार ने छठा वेतन आयोग लागू कर 450 करोड़ रुपये का एरियर और पेंशनरों को 225 करोड़ रुपये से अधिक की राहत राशि प्रदान की थी, जबकि वर्तमान सरकार केवल खोखली घोषणाओं तक सिमट गई है।


​ सेवा-समर्पित पूर्व कर्मचारियों के साथ वादाखिलाफी


​जयराम ठाकुर ने सुंदरनगर सम्मेलन के दौरान पूर्व कर्मचारियों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि जिन कर्मचारियों ने अपना पूरा जीवन प्रदेश के निर्माण और जनता की सेवा में समर्पित कर दिया, आज उन्हें अपने बकाया पेंशनरी लाभ, मेडिकल बिलों के भुगतान और जायज अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। प्रदेश के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है कि पूर्व कर्मचारियों को बार-बार अपनी मांगों के लिए धरने-प्रदर्शन करने पड़ रहे हैं। उन्होंने इसे सरकार की संवेदनहीनता और पूर्व कर्मचारियों के प्रति उसके नकारात्मक रवैये का प्रत्यक्ष प्रमाण बताया।


​सरकार बचाने की होड़ और राजनीतिक बदले की भावना


​प्रदेश की राजनीतिक स्थिति पर प्रहार करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री का पूरा ध्यान सिर्फ इस बात पर केंद्रित है कि उनकी सरकार कैसे बची रहे। सरकार चार साल से गिरते-पड़ते चल रही है और मुख्यमंत्री अनजाने डर के साए में जी रहे हैं। जनहित के कामों पर ध्यान देने के बजाय मुख्यमंत्री रोज़ नया एजेंडा लेकर भाजपा विधायकों को परेशान करने और बदले की भावना से काम करने में व्यस्त हैं। मुख्यमंत्री के पास राज्य को आगे ले जाने की कोई दृष्टि (विज़न) नहीं है और उनके गलत फैसलों के कारण हिमाचल प्रदेश विकास के पथ पर आगे बढ़ने के बजाय पीछे की ओर जा रहा है।


​भाजपा की वापसी का दावा और भविष्य की प्रतिबद्धता


​भावी रणनीति और चुनावी वर्ष का जिक्र करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि प्रदेश की जनता कांग्रेस की नीतियों से तंग आ चुकी है और उसने सरकार बदलने का मन बना लिया है। पंचायतीराज  और स्थानीय निकाय चुनाव के परिणाम से तय है कि सुक्खू सरकार की विदाई निश्चित है। अभी दस जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव में कांग्रेस सत्ता में होने के बाबजूद मात्र एक जगह ही जीत सकी जबकि भाजपा ने नौ जगह अपने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनाए जबकि दो जगह सरकार तीन माह बाद भी चुनाव करवाने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनावों में प्रदेश में भाजपा की पूर्ण बहुमत के साथ वापसी तय है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भाजपा की नई सरकार बनते ही पूर्व कर्मचारियों, पेंशनरों और युवाओं की सभी मांगों व समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा तथा राज्य को पुनः विकास और सुशासन की पटरी पर लाया जाएगा। इस अवसर पर पूर्व कर्मचारी प्रकोष्ठ के संयोजक घनश्याम शर्मा, विधायक सुन्दरनगर राकेश जम्वाल, विधायक नाचन विनोद कुमार भी उपस्थित रहे।

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