जनता की समस्याओं को विधानसभा में मजबूती से उठाया : इंद्र सिंह गांधी
जनता की समस्याओं को विधानसभा में मजबूती से उठाया : इंद्र सिंह गांधी
25 सवाल और 8 शून्यकाल के मुद्दों के जरिए सड़क, पानी, सिंचाई, स्वास्थ्य, रोजगार व किसानों से जुड़े विषयों पर सरकार से मांगा जवाब
नेरचौक : अजय सूर्या /
बल्ह विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक इंद्र सिंह गांधी ने कहा कि वर्तमान विधानसभा सत्र में उन्होंने बल्ह की जनता की समस्याओं और क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाया है। उन्होंने बताया कि सत्र के दौरान करीब 25 प्रश्न और 8 शून्यकाल के मुद्दों के माध्यम से सरकार से जवाब मांगा गया।
इंद्र सिंह गांधी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बल्ह में विकास कार्यों की गति प्रभावित हुई है और कई महत्वपूर्ण योजनाएं अधर में हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की बदहाल सड़कों का मुद्दा प्रमुखता से उठाते हुए भड़याल-मलवाणा-टिक्कर, सकरोहा-नैना माता मंदिर, रत्ती-बाल्ट कोठी-लेदा, नेरचौक-कलखर, रत्ती-मलथेड़-पिपली सहित विभिन्न सड़कों के निर्माण और सुधार की मांग की गई है।
उन्होंने कंसा चौक डंपिंग साइट का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार ने फिलहाल इसे स्थानांतरित करने का कोई प्रस्ताव नहीं होने की जानकारी दी है। उन्होंने डंपिंग साइट के आसपास स्कूल, खेल मैदान और पेयजल पंप हाउस होने का हवाला देते हुए इसे स्वास्थ्य और पर्यावरण की दृष्टि से गंभीर विषय बताया तथा वैकल्पिक स्थान चिन्हित करने की मांग की।
विधायक ने भंगरोटू कोविड केंद्र की भूमि को मेडिकल कॉलेज नेरचौक के नाम स्थानांतरित किए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने मेडिकल कॉलेज के पीछे उपलब्ध करीब 10 बीघा भूमि का उपयोग करने का सुझाव देते हुए भंगरोटू खेल मैदान को युवाओं और खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित रखने की मांग की।
इंद्र सिंह गांधी ने मेडिकल यूनिवर्सिटी बल्ह में स्थापित करने की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि नेरचौक मेडिकल कॉलेज के चलते बल्ह मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उपयुक्त क्षेत्र है तथा यहां मेडिकल यूनिवर्सिटी बनने से युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने बल्ह की सिंचाई व्यवस्था और किसानों की समस्याओं को भी विधानसभा में उठाया। उनका कहना है कि क्षेत्र की हजारों बीघा भूमि पर्याप्त सिंचाई सुविधा से वंचित है। इसके अलावा दुग्ध उत्पादकों को भुगतान में देरी और दूध उठान की समस्या से होने वाले आर्थिक नुकसान का मुद्दा भी सरकार के समक्ष रखा गया।
विधायक ने बताया कि रिवालसर थाना, आईटीआई, पेयजल और अन्य विकास कार्यों से जुड़े विषय भी विधानसभा में उठाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2022 से पहले स्वीकृत एवं प्रस्तावित कई विकास कार्य अभी तक अधूरे हैं।
इंद्र सिंह गांधी ने कहा कि विधानसभा में सवाल उठाना उनके लिए राजनीतिक औपचारिकता नहीं, बल्कि जनता के प्रति जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वह जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझते हैं और उन्हीं मुद्दों को विधानसभा में सरकार के सामने रखते हैं। उन्होंने कहा कि सड़क, पानी, सिंचाई, स्वास्थ्य, रोजगार, किसान और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।

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