BSF के ASI सरबजीत सिंह पंचतत्व में विलीन पैतृक गांव जरपाल के श्मशानघाट में राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार, बेटे शुभम ने दी मुखाग्नि
BSF के ASI सरबजीत सिंह पंचतत्व में विलीन
पैतृक गांव जरपाल के श्मशानघाट में राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार, बेटे शुभम ने दी मुखाग्नि
शनिवार
रिपोर्ट : प्रेम स्वरूप शर्मा
जरपाल। सीमा सुरक्षा बल (BSF) में सहायक उप निरीक्षक (ASI) के पद पर तैनात 59 वर्षीय सरबजीत सिंह का शनिवार को उनके पैतृक गांव जरपाल के श्मशानघाट में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। वीर जवान के अंतिम संस्कार के दौरान पूरा गांव गमगीन नजर आया और हर आंख नम थी।
सरबजीत सिंह असम में BSF की बटालियन में तैनात थे। वीरवार सुबह अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
शनिवार को तिरंगे में लिपटा उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव जरपाल पहुंचा। पार्थिव शरीर के गांव पहुंचते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सरबजीत सिंह के 87 वर्षीय पिता प्यारेलाल सन्याल बेटे का पार्थिव शरीर देखकर बेसुध होकर गिर पड़े। वहीं पत्नी वीना देवी और परिवार के अन्य सदस्यों का दुख देखकर माहौल बेहद भावुक हो गया।
श्मशानघाट में BSF की टुकड़ी ने वीर जवान को गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी दी। BSF कमांडेंट राजेश के. यादव ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। डिप्टी कमांडेंट लव कुमार और एसआई हरदीप काटोच सहित BSF के अन्य जवानों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
पुलिस चौकी प्रभारी योगेश प्रिंगल और ASI संजय ने भी पुष्प अर्पित कर अंतिम विदाई दी। तहसीलदार ज्ञान चंद ने प्रशासन की ओर से पुष्पचक्र अर्पित किया।
इस दौरान भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य संजय गुलेरिया और पूर्व विधायक अर्जुन ठाकुर भी शोक संतप्त परिवार के साथ संवेदना व्यक्त करने पहुंचे। पंचायत उपप्रधान प्रमोद पठानिया सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने भी वीर जवान को अंतिम विदाई दी।
बेटे शुभम ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। जैसे ही चिता को मुखाग्नि दी गई, वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। जरपाल गांव के लाडले वीर सपूत सरबजीत सिंह राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हो गए।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें