ज्वाली विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मियां अभी से तेज होती नजर आ रही हैं।
ज्वाली विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मियां अभी से तेज होती नजर आ रही हैं। भाजपा के संभावित टिकटार्थी अपने समर्थकों के साथ क्षेत्र में सक्रिय होकर जनसंपर्क अभियान चलाने में जुटे हुए हैं। वहीं, कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दलों की ओर से अभी तक कोई भी संभावित दावेदार प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से जनता के बीच सक्रिय नजर नहीं आ रहा है।
पूर्व पंचायत समिति सदस्य पंचायत डोल पधर साधू राम राणा ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा के कई संभावित दावेदार टिकट की दौड़ में अपनी दावेदारी मजबूत करने के लिए अंदरखाते और खुले तौर पर जनता के बीच पहुंच बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि संभावित टिकटार्थियों ने क्षेत्र में जनसंपर्क बढ़ाते हुए दिन-रात एक कर दिया है।
राणा ने कहा कि वर्तमान समय में ज्वाली विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं के बीच सबसे अधिक चर्चा भाजपा के संभावित प्रत्याशियों को लेकर ही सुनने को मिल रही है। इसके विपरीत कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दलों के संभावित प्रत्याशियों को लेकर अभी तक क्षेत्र में कोई विशेष चर्चा अथवा सक्रियता दिखाई नहीं दे रही है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा राजनीतिक माहौल को देखते हुए ऐसा प्रतीत हो रहा है कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों में ज्वाली की राजनीति में मुकाबला काफी रोचक हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि यदि भाजपा की टिकट को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष या बगावत सामने आती है तो मुख्य मुकाबला भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी और भाजपा के बागी प्रत्याशी के बीच होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
राणा ने कहा कि आने वाले समय में कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दलों के संभावित प्रत्याशी भी यदि मैदान में उतरते हैं तो ज्वाली विधानसभा क्षेत्र का चुनावी समीकरण और अधिक स्पष्ट होगा।
ज्वाली से राजेश कतनौरिया !

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