कांगड़ा घाटी रेलवे संघर्ष समिति के अध्यक्ष पीसी विश्वकर्मा ने कमेटी सदस्यों से धरातल पर जाकर दौरा किया
कांगड़ा घाटी रेलवे संघर्ष समिति के अध्यक्ष पीसी विश्वकर्मा ने कमेटी सदस्यों से धरातल पर जाकर दौरा किया (नूरपुर:-विनय महाजन)
नूरपुर कांगड़ा घाटी रेलवे संघर्ष समिति के अध्यक्ष पीसी विश्वकर्मा ने एक प्रेस नोट मे उत्तर रेलवे के इस बयान को गलत वताया है कि ज्वालामुखी रोड और कोपडलाहड़ स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पर पत्थरों के गिरने की बरसात मे इसलिए ट्रेनें बंद कर दी गईं है l पत्थरों और मलवे को हटाने मे लगभग दो सप्ताह लग जायेगे l पीसी विश्वकर्मा ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कमेटी सदस्यों द्वारा धरातल पर जाकर दौरा किया गया जिसमे वास्तविक मूल्यांकन करने का अनुरोध किया गया थाl टीम ने मोके पर जाकर देखा कि थोड़े से पत्थर और एक छोटा सा स्लिप गिरा था जिसे हटाया जा चुका है और ट्रैक एक दम साफ और सही है जो जनहित में धरातल पर कमेटी की रिपोर्ट हैl विश्वकर्मा ने कहा कि इस मामले मे उन्होंने खुद समिति के अध्यक्ष होने के नाते एक सितंबर2026 को प्रबंधक जम्मू रेलवे से बात करके स्पष्ट जानकारी दे दी थी कि अब ट्रैक ठीक हैl तब उन्होंने आश्वासन दिया था कि अगर मौसम ठीक रहा तो एक सप्ताह बाद ट्रेनें चला दी जाएंगी।पीसी विश्वकर्मा ने कहा कि वे जानकारी ले रहे हैं कि आखिर कारण क्या हैं कि सातों ट्रेनें बहाल क्यों नहीं हो पा रही है?जव 2 ट्रेनें चल रही थी तो सात क्यों नहीं चल पा रही? क्या ट्रैक कमजोर है? भारत सरकार का उत्तर रेलवे प्रशासन कांगड़ा रेल वैली के साथ जनहित मे सभी रेल सेवा को नियमित रूप से चलाने मे क्यों आश्वासन देने मे जुटा ? क्या रेल सेवा को टूरिज्म के रूप में विकसित करने के लिए उत्तर रेलवे प्रशासन जागरूक नहीं है? ऐसे अनेको प्रश्न के जवाब जनता रेलवे प्रशासन से मांग रही है l विश्वकर्मा ने स्पष्ट किया कि वह इस मामले में हमीरपुर लोकसभा सांसद अनुराग ठाकुर व राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा को एक पत्र लिखकर जनहित में तुरंत कार्रवाई करने का आग्रह करेंगे l विश्वकर्मा ने कहा कि सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री व पूर्व मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश शांता कुमार ने कांगड़ा रेलवे को एक टूरिज्म के रूप में विकसित करने के लिए यह सपना संजोया था लेकिन उसके बाद जितने भी सांसद हिमाचल प्रदेश से चुनाव जीत कर दिल्ली में पहुंचे कोई भी शांता कुमार के सपनों को सरकार न कर सकाl

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