ज़रूसीसी सदस्य दीपक भारद्वाज ने पूछा रेलवे प्रशासन से आखिर कब चलेगी कांगड़ा घाटी रेल?
ज़रूसीसी सदस्य दीपक भारद्वाज ने पूछा रेलवे प्रशासन से आखिर कब चलेगी कांगड़ा घाटी रेल?
( नूरपुर:-विनय महाजन )
नूरपुर जोनल रेलवे उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति के सदस्य दीपक भारद्वाज ने कांगड़ा घाटी रेल सेवा को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने लगातार हर स्तर पर कांगड़ा घाटी रेलवे के लिए आवाज़ उठाई है, लेकिन इतने लंबे इंतजार के बावजूद रेल सेवा एक बार फिर बंद कर दी गई है। यह जानकारी एक प्रेस नोट में देते हुए दीपक भारद्वाज ने बताया कि पहले केवल दो ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया और अब वे भी बंद कर दी गई हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या यह रेल सेवा केवल स्थानीय चुनावों में वोट और श्रेय लेने के लिए शुरू की गई थी? यदि ऐसा नहीं था, तो फिर अधूरी रेल सेवा क्यों चलाई गई और अब उसे भी क्यों बंद कर दिया गया?उन्होंने कहा कि कांगड़ा घाटी के लोगों की यह वर्षों पुरानी मांग है और क्षेत्र के हजारों लोग इस रेल सेवा पर निर्भर हैं। उनका कहना है कि आखिर कब तक हिमाचल के भोले-भाले स्थानीय निवासी अपनी इस जायज़ मांग के लिए इंतजार करते रहेंगे?गौरतलब है कि जून 2026 में करीब चार वर्ष बाद कांगड़ा घाटी रेल सेवा दोबारा शुरू हुई थी, लेकिन जुलाई में भारी बारिश और खराब मौसम के कारण कई ट्रेन सेवाएं सुरक्षा कारणों से अस्थायी रूप से प्रभावित और रद्द कर दी गईं।दीपक भारद्वाज ने कहा कि जोनल रेलवे उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति के सदस्य होने के नाते उनका दायित्व केवल सरकार के अच्छे कार्यों को जन-जन तक पहुंचाना ही नहीं है, बल्कि उन मुद्दों पर भी सवाल उठाना है जो लंबे समय से लंबित हैं और जिन पर कहीं से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि और समिति के सदस्य के रूप में जनता की आवाज़ को संबंधित अधिकारियों और सरकार तक पहुंचाना उनकी जिम्मेदारी है।उन्होंने कहा, "हमारा दायित्व है कि सरकार के अच्छे कार्यों को लोगों तक पहुंचाएं, लेकिन जो काम वर्षों से नहीं हो रहे हैं और जिन पर कोई जवाब भी नहीं मिल रहा, उनके प्रति सवाल करना भी उतना ही जरूरी है। कांगड़ा घाटी रेल सेवा का मुद्दा भी ऐसा ही है, जिस पर अब स्पष्ट जवाब और स्थायी समाधान मिलना चाहिए।"

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