पड़ोह पुलिस चौकी को थाना बनाने की मांग तेज, बढ़ते अपराधों से लोगों में दहशत

 पड़ोह पुलिस चौकी को थाना बनाने की मांग तेज, बढ़ते अपराधों से लोगों में दहशत


पड़ोह : अजय सूर्या /

मंडी जिला के पड़ोह क्षेत्र में पुलिस चौकी को थाना बनाए जाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ती जा रही है। स्थानीय लोगों ने बढ़ते अपराधों और सुरक्षा व्यवस्था की चुनौतियों को देखते हुए सरकार से जल्द निर्णय लेने की अपील की है।

पड़ोह क्षेत्र चार विधानसभा क्षेत्रों से घिरा होने के साथ-साथ व्यापारिक और राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। इसके बावजूद विकास के मामले में यह क्षेत्र पिछड़ा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में नशे का बढ़ता प्रचलन और असामाजिक गतिविधियां अपराध दर में लगातार इजाफा कर रही हैं, जिससे आम जनता में भय का माहौल है।

क्षेत्र में चोरी, झगड़े, सड़क दुर्घटनाओं के साथ-साथ गंभीर अपराध जैसे पोक्सो, एससी/एसटी अत्याचार, दुष्कर्म और हत्या के मामले भी सामने आ चुके हैं। लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे होने के कारण पुलिस चौकी पर कार्यभार अधिक है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित गश्त नहीं हो पाती।

जानकारी के अनुसार, पड़ोह पुलिस चौकी की स्थापना वर्ष 1962 में पंडोह डैम निर्माण के दौरान की गई थी। तब से अब तक जनसंख्या और अपराध दोनों में काफी वृद्धि हुई है, लेकिन पुलिस ढांचे में अपेक्षित विस्तार नहीं हो पाया।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि चौकी में स्टाफ की कमी के कारण चरित्र प्रमाण पत्र बनवाने जैसे कार्यों के लिए लोगों को 20 किलोमीटर दूर मंडी जाना पड़ता है। इसके अलावा, द्रंग और सराज (नाचन) विधानसभा क्षेत्रों के कई गांव भी इसी चौकी के अंतर्गत आते हैं, जिससे क्षेत्र का दायरा काफी बड़ा हो जाता है।

पड़ोह पंचायत की पूर्व प्रधान गीता देवी सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं—बलदेव राज, राधाकृष्ण वर्मा, बी.आर. भाटिया, खेम राज, रमेश ठाकुर, दलीप ठाकुर, लते राम ठाकुर, अमरावती, दौलत राम, शोभे राम, मान सिंह ठाकुर, देशराज सोनी, वेस राम धामी, पदम सिंह, देवेंद्र ठाकुर, दास ठाकुर, धनी राम ठाकुर, चुडामणि, रेशमा ठाकुर और सी.एम. खजाना—ने संयुक्त बयान में कहा कि क्षेत्र की सुरक्षा और शांति के लिए पुलिस चौकी को थाना बनाना अब अत्यंत आवश्यक हो गया है।

उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने भी इस मांग को लेकर आश्वासन दिया था, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस दिशा में कदम भी उठाए थे। हालांकि, वर्तमान सरकार के कार्यकाल में इस प्रस्ताव को डिनोटिफाई कर दिया गया।

लोगों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मांग की है कि वे जल्द इस मुद्दे पर सकारात्मक निर्णय लें, ताकि क्षेत्र के लाखों लोगों को सुरक्षा का भरोसा मिल सके।

वहीं, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंडी अभिमन्यु वर्मा ने बताया कि पुलिस स्टाफ उपलब्ध है और कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि थाना बनाने का निर्णय प्रदेश सरकार के स्तर पर लिया जाना है, जबकि पुलिस विभाग जनता के सहयोग से व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

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