हवाई सफर पर राहत: अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उछाल के बावजूद घरेलू ATF के दामों में सिर्फ 25% की बढ़ोतरी
हवाई सफर पर राहत: अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उछाल के बावजूद घरेलू ATF के दामों में सिर्फ 25% की बढ़ोतरी
नई दिल्ली
वैश्विक ऊर्जा संकट और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के बंद होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में आए असाधारण उछाल के बीच, भारत सरकार ने घरेलू हवाई यात्रियों को बड़ी राहत दी है। जहां विमानन ईंधन (ATF) की कीमतों में 100% से अधिक की वृद्धि की आशंका थी, वहीं सरकार ने इसे सीमित रखने का निर्णय लिया है।
मुख्य बिंदु:
कीमतों में सीमित वृद्धि: पेट्रोलियम मंत्रालय के तहत सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ परामर्श के बाद घरेलू एयरलाइंस के लिए केवल 25% (₹15 प्रति लीटर) की आंशिक बढ़ोतरी की है।
अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर असर: घरेलू उड़ानों के विपरीत, अंतरराष्ट्रीय रूटों पर चलने वाली उड़ानों को वैश्विक कीमतों के अनुरूप पूर्ण वृद्धि का भुगतान करना होगा।
रणनीतिक हस्तक्षेप: 2001 में ATF की कीमतों को नियंत्रण मुक्त (Deregulate) किए जाने के बावजूद, सरकार ने 'असाधारण स्थिति' को देखते हुए घरेलू यात्रा लागत को नियंत्रित रखने के लिए यह कदम उठाया है।
आम आदमी पर प्रभाव
नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी के नेतृत्व में लिए गए इस निर्णय का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता से घरेलू पर्यटन और व्यापारिक यात्रा को बचाना है। यदि कीमतों को पूरा (100% से अधिक) बढ़ाया जाता, तो हवाई टिकटों के दाम आम आदमी की पहुंच से बाहर हो सकते थे।
"हमारा लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय कीमतों के झटके से घरेलू यात्रियों को बचाना और विमानन क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करना है।"
— नागरिक उड्डयन मंत्रालय
तेल कंपनियों की स्थिति:
IOCL, BPCL और HPCL जैसी कंपनियां इस बढ़ोतरी को चरणबद्ध तरीके से लागू करेंगी ताकि बाजार पर अचानक बोझ न पड़े। फिलहाल, विदेशी एयरलाइंस और अंतरराष्ट्रीय रूटों के लिए दरें वैश्विक बेंचमार्क के समान रहेंगी।

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