परमाणु से पवन ऊर्जा तक भारत की ताकत का प्रदर्शन, “मन की बात” बना प्रेरणा का सबसे बड़ा मंच: परमार
परमाणु से पवन ऊर्जा तक भारत की ताकत का प्रदर्शन, “मन की बात” बना प्रेरणा का सबसे बड़ा मंच: परमार
वैज्ञानिक उपलब्धियों से बढ़ा देश का मान, “मन की बात” में दिखा न्यू इंडिया का दम
पालमपुर
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष,वरिष्ठ भाजपा नेता एवं सुलह विधानसभा क्षेत्र से विधायक विपिन सिंह परमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 133वें एपिसोड की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम आज देशवासियों के लिए प्रेरणा, जागरूकता और सकारात्मक सोच का एक सशक्त मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जिस प्रकार सामान्य नागरिकों, वैज्ञानिकों और देश के विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला रहे हैं, वह अत्यंत सराहनीय है।
विपिन सिंह परमार ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा भारत के नागरिक परमाणु कार्यक्रम का उल्लेख करना और हमारे वैज्ञानिकों की उपलब्धियों को देश के सामने रखना हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने तमिलनाडु के कलपक्कम में स्वदेशी तकनीक से निर्मित ‘फास्ट ब्रीडर रिएक्टर’ द्वारा ‘क्रिटिकलिटी’ हासिल करने को भारत की परमाणु ऊर्जा यात्रा में एक ऐतिहासिक और निर्णायक पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल तकनीकी सफलता नहीं, बल्कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प की ठोस अभिव्यक्ति है, जो आने वाले समय में ऊर्जा सुरक्षा और विकास की नई संभावनाएं खोलेगी।
परमार ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भारत के अंतरिक्ष और विज्ञान क्षेत्र की प्रगति को भी रेखांकित किया, जो यह दर्शाता है कि देश आज वैश्विक स्तर पर विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में मजबूती से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय वैज्ञानिकों के निरंतर प्रयासों से देश नई ऊंचाइयों को छू रहा है और यह प्रत्येक नागरिक के लिए गर्व का विषय है।
उन्होंने पवन ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज भारत 56 गीगावॉट से अधिक की स्थापित क्षमता के साथ विश्व में चौथे स्थान पर पहुंच चुका है। यह उपलब्धि न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि देश को स्वच्छ और सतत ऊर्जा की ओर अग्रसर करने का भी प्रमाण है। परमार ने कहा कि यह प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है कि भारत नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
विपिन सिंह परमार ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा आगामी बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर भगवान गौतम बुद्ध के विचारों को स्मरण करना अत्यंत प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि आज जब विश्व विभिन्न तनावों और चुनौतियों से गुजर रहा है, तब भगवान बुद्ध का शांति, संयम और आत्मविजय का संदेश पूरी मानवता के लिए मार्गदर्शक सिद्ध हो सकता है।
उन्होंने ‘बीटिंग रिट्रीट’ समारोह में भारतीय सांस्कृतिक धरोहर और पारंपरिक संगीत के बढ़ते समावेश की सराहना करते हुए कहा कि यह हमारी समृद्ध संस्कृति को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने का सशक्त माध्यम बन रहा है। वायुसेना, थलसेना, नौसेना और अर्द्धसैनिक बलों के बैंड्स द्वारा प्रस्तुत की गई भारतीय धुनों ने देशवासियों के मन में गर्व और देशभक्ति की भावना को और प्रबल किया है।
परमार ने आगे कहा कि आज के डिजिटल और तकनीकी युग में प्रधानमंत्री द्वारा टेक्नोलॉजी के सकारात्मक उपयोग पर दिया गया बल भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से देश अपने गौरवशाली अतीत को वर्तमान से जोड़ते हुए एक सशक्त भविष्य की ओर अग्रसर हो रहा है। शिक्षा और इतिहास से जुड़े हालिया नवाचारों का उल्लेख यह दर्शाता है कि भारत ज्ञान और परंपरा दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है।
इसी कड़ी में उन्होंने जमीनी स्तर पर सांस्कृतिक और पारंपरिक आयोजनों के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि सुलह विधानसभा क्षेत्र में आयोजित ऐतिहासिक गढ़ कडाऊ छिंज मेला में वे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जहां क्षेत्र की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक कुश्ती (छिंज) और जनसहभागिता का अद्भुत संगम देखने को मिला।
इस अवसर पर विपिन सिंह परमार ने मेले के सौंदर्यकरण के लिए ₹5,00,000 की राशि देने की घोषणा की, साथ ही मेला कमेटी को ₹31,000 का सहयोग भी प्रदान किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों को सशक्त बनाने के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है, ताकि हमारी सांस्कृतिक विरासत और भी भव्य रूप में आगे बढ़ सके।
विपिन सिंह परमार ने कहा कि “मन की बात” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के करोड़ों लोगों की भावनाओं, उपलब्धियों और आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। यह कार्यक्रम समाज के हर वर्ग को जोड़ते हुए राष्ट्र निर्माण की भावना को सशक्त बना रहा है और आने वाले समय में भी देश को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान करता रहेगा।

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