प्रदेश में कृषि नीति का लक्ष्य निर्धारित नहीं होना चिंतनीय : मनजीत डोगरा
प्रदेश में कृषि नीति का लक्ष्य निर्धारित नहीं होना चिंतनीय : मनजीत डोगरा
पिछले कुछ वर्षों से प्रदेश में कृषि उत्पादन में लगातार गिरावट के चलते प्रदेश के कुल सकल घरेलू उत्पाद में कृषि उत्पादन का हिस्सा लगातार गिरता जा रहा है ,जो की 20% से कम होते-होते अब 13.3 प्रतिशत तक पहुंच चुका है जिस पर चिंता व्यक्त करते हुए किसान नेता एवं समाजसेवी मनजीत डोगरा ने कहा की प्रदेश सरकार की लक्ष्य निर्धारित कृषि योजना नहीं होने के कारण प्रदेश में कृषि के विकास में कमी दर्ज हुई है। मनजीत डोगरा ने कहा कि बढ़ती हुई जनसंख्या के दबाव के कारण लगातार जोतों के आकर कम हो रहे हैं तथा कृषि योग्य भूमि कम होती जा रही है, दूसरा पिछले कई दशकों से प्रदेश में जंगली जानवरों ,आवारा जानवरों तथा बंदरों के आतंक का प्रदेश सरकारें स्थाई समाधान नहीं कर पाई जिस के कारण प्रदेश में कृषि को बहुत भारी नुकसान हुआ है तथा जिसके कारण कृषि योग्य भूमि का बहुत बड़ा हिस्सा बंजर भूमि में परिवर्तित हो गया है । मनजीत डोगरा ने प्रदेश सरकार से मांग करते हुए कहा कि इन तमाम परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में कृषि व्यवस्था के विकास तथा कृषि क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा रोजगार खड़े करने के लक्ष्य से एक दूरदर्शी कृषि नीति निर्धारण की जाए जो की पूरी तरह से लक्ष्य निर्धारित होनी चाहिए ।
जारी करता
मनजीत डोगरा
किसान नेता ,पंचरुखी
हिमाचल प्रदेश।

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