हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन की दो बसों के ब्रेक फेल: ड्राइवरों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन की दो बसों के ब्रेक फेल: ड्राइवरों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
चंबा : जितेन्द्र खन्ना /
आज हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (HRTC) से जुड़ी दो चिंताजनक घटनाएं सामने आईं, जिनमें निगम की बसों के ब्रेक फेल होने की बात सामने आई है। पहली बस अघार से चंबा की ओर जा रही थी, जबकि दूसरी बस घरमाणी से चंबा की तरफ आ रही थी। दूसरी घटना सुरारा के पास घटी, जहां अचानक बस के ब्रेक ने काम करना बंद कर दिया।
हालांकि, दोनों ही मामलों में बस चालकों (ड्राइवरों) की सूझबूझ, अनुभव और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता ने एक बड़े हादसे को टाल दिया। उन्होंने परिस्थिति को समझते हुए बस को सुरक्षित तरीके से नियंत्रित किया, जिससे सभी यात्रियों की जान बच गई। इस तरह की सतर्कता काबिले-तारीफ जरूर है, लेकिन यह स्थिति अपने आप में गंभीर चिंता का विषय भी है।
इन घटनाओं ने परिवहन व्यवस्था और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या बसों की नियमित तकनीकी जांच समय पर नहीं हो रही? क्या पुराने या खराब हो चुके पुर्जों को समय रहते बदला नहीं जा रहा? क्या मेंटेनेंस प्रक्रिया में कहीं लापरवाही बरती जा रही है?
हकीकत यह है कि पहाड़ी इलाकों, जैसे चंबा, में सड़कें पहले ही चुनौतीपूर्ण होती हैं—संकीर्ण रास्ते, तीखे मोड़ और गहरी खाइयां। ऐसे में अगर बसों की तकनीकी स्थिति ठीक न हो, तो छोटे से छोटे तकनीकी दोष भी बड़े हादसे में बदल सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, बसों के ब्रेक सिस्टम की नियमित जांच, समय-समय पर सर्विसिंग, और ड्राइवरों को आपातकालीन स्थितियों से निपटने की ट्रेनिंग बेहद जरूरी है। इसके साथ ही, परिवहन विभाग को भी समय-समय पर फिटनेस जांच को सख्ती से लागू करना चाहिए।
यह जरूरी है कि संबंधित विभाग इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जांच करे और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए। यात्रियों की सुरक्षा किसी भी हालत में प्राथमिकता होनी चाहिए, क्योंकि एक छोटी सी चूक कई जिंदगियों को खतरे में डाल सकती है।

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