"बहुमत के बावजूद असमंजस कहीं भारी न पड़ जाए अंदरूनी खींचतान नूरपुर नगर परिषद में"
"बहुमत के बावजूद असमंजस कहीं भारी न पड़ जाए अंदरूनी खींचतान नूरपुर नगर परिषद में"
नूरपुर : विनय महाजन /
नूरपुर देश के किसी भी चुनाव में जनता जब किसी पक्ष को स्पष्ट बहुमत देती है तो उसका उद्देश्य केवल चुनाव जिताना नहीं होता बल्कि स्थिर नेतृत्व और प्रभावी प्रशासन सुनिश्चित करना भी होता है। हिमाचल प्रदेश की नूरपुर नगर परिषद में भी मतदाताओं ने यही संदेश दिया था कि अब विकास, जनसुविधाओं और नगर के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर बिना किसी राजनीतिक अस्थिरता के काम होगा। लेकिन अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव से पहले जो परिस्थितियां बनीं उन्होंने कई असहज प्रश्न खड़े कर दिए हैंl ऐसी चर्चा क्षेत्र में चर्चित है कि बहुमत होने के बाद भी नगर परिषद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद के चयन हेतु कोरम पुरा न कर सकी l लोग यह प्रश्न पार्टी के नेता के ऊपर भी कर रहे हैं कि आखिरकार वह इस मामले में चुप क्यों है? चुनाव जीतने के बाद यदि पहली प्राथमिकता विकास के बजाय पदों का समीकरण बन जाए, तो जनता को निराशा होना स्वाभाविक है। आखिर मतदाताओं ने प्रतिनिधियों को नगर का भविष्य संवारने के लिए चुना था, न कि शक्ति प्रदर्शन देखने के लिए। एक कांग्रेस समर्थित नगर पार्षद सोनिया शपथ समारोह विलंब से पहुंची और शपथ लेने के बाद तुरंत चली गई lभाजपा समर्थित नगर पार्षदों ने शपथ लेने के बाद जय श्री राम का नारे लगाते हुए अगले कार्यक्रम से बायकाट कर दियाl जनता यह भी देख रही है कि जिन प्रतिनिधियों को नगर के विकास की जिम्मेदारी सौंपी गई है, वे अपने पहले बड़े राजनीतिक परीक्षण में कितना सफल साबित होते हैं।बाहरी विरोध से निपटना आसान होता है, लेकिन भीतर की दरारें अक्सर सबसे मजबूत दीवारों को भी कमजोर कर देती हैं। 12 जून को पूर्व विधायक अजय महाजन इस समारोह में उपस्थित नहीं होंगे क्योंकि वो इस प्रकार की घटना को देखते हुए गोवा मे अपने छोटे बेटे के पास घूमने चले गए l इस मामले में अजय महाजन का इतना कहना था की राजनीति का दौर बदल गया है और पैसा सबसे अधिक महत्वपूर्ण हो गया है लोगों के चरित्र का भी पता नहीं चलता कभी आया राम कभी गया राम का युग आ गया है l इस मामले में जब सहायक निर्वाचन अधिकारी अरुण शर्मा नूरपुर से बात की गई उन्होंने कहा कि पिछले दिन कारण पूरा न होने के कारण 12 जून को निर्वाचित नगर पार्षदों के समक्ष अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पद का चयन निर्वाचित नगर पार्षद करेंगे लेकिन 12 जून को कोरम की आवश्यकता नहीं पड़ेगी l नूरपुर नगर परिषद में 9 नगर पार्षद है l नगर परिषद के चुनाव किसी सियासी पार्टी के सिंबल पर नहीं थे उधर पंडाल में मौजूद बुद्धिजीवी वर्ग का कहना है कि शपथ समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सखू का कोई भी पोस्टर देखने को नहीं मिला और कांग्रेस के पूर्व नेता अजय महाजन का पोस्टर भी समारोह से नदारद रहा l राजनीतिक गलीयारों के सूत्रों के अनुसार सियासी दल का एक नेता ने ये चुनाव रिमोट कंट्रोल से उपाध्यक्ष पद पर अपने पार्षद को बिठाने के रणनीति तैयार करने में जुटा इसका पता अब 12 जून को चलेगा कि वह अपने राजनीतिक ड्रामे में कितना कामयाब होता हैl
शपथ समारोह में स्थानीय विधायक रणवीर सिंह निक्का व कांगड़ा चंबा लोकसभा सांसद डॉ राजीव भारद्वाज को भी निमंत्रण नही दिया गया l नगर परिषद विकास कार्यों के लिए सांसद और विधायक से निधि फंड भी मांगती है उसके बावजूद भी नगर परिषद प्रशास की कारगुजारी पर उठा प्रश्न

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