पालमपुर में शहीदों की स्मृति को समर्पित परियोजनाओं की सराहना, डॉ. कालिया ने दिए सुझाव
पालमपुर में शहीदों की स्मृति को समर्पित परियोजनाओं की सराहना, डॉ. कालिया ने दिए सुझाव
सौरभ वन बिहार की तरह विन्द्रावन में बन रहे विक्रम वत्तरा वन विहार की सौरभ कालिया के पिता डॉ॰ एन के कालिया ने इन्साफ संस्था की जमकर प्रशंसा :- प्रवीन कुमार पूर्व विधायक ...... कारगिल युद्ध के प्रथम वीर योद्धा शहीद कैप्टन सौरभ कालिया के परम पूजनीय माता पिता जी से समाज सेवा में समर्पित इन्साफ संस्था के अध्यक्ष एवं पालमपुर के पूर्व विधायक प्रवीन कुमार ने पालमपुर स्थित आईमा उनके आवास पर मुलाकात की । पूर्व विधायक ने बताया कि डॉ॰ एन के कालिया जी जानना चाहते थे कि विन्द्रावन में प्रस्तावित विक्रम वत्तरा वन विहार अर्थात नेचर पार्क में क्या क्या बनने जा रहा है । प्रवीन कुमार ने डॉ॰ कालिया जी को विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इन्साफ संस्था की प्रस्तावना , पूर्व मुख्यमन्त्री श्री शान्ता कुमार जी की दृढ़ता से अनुशंसा , बतौर मुख्यमंत्री श्री जय राम ठाकुर जी व केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मन्त्री श्री भूपेन्द्र सिंह यादव जी के द्वारा प्रस्तावना को मंजूरी व वन मण्डल पालमपुर के सार्थक सहयोग से यह विक्रम वत्तरा जी के नाम पर 04 करोड़ 10 लाख की लागत से यह वन विहार बनने जा रहा है। पूर्व विधायक ने डॉ॰ एन के कालिया को बताया कि इसके अतिरिक्त इन्साफ संस्था के ही प्रयासों व सांसद निधि के सहयोग से भारतीय सेना के पहले परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा जी की यादगार में उनके पैतृक गाँव डाढ व पालमपुर विधानसभा क्षेत्र से 1962 , 1971 , 1999 भारत- चीन , भारत- पाक ओर कारगिल युद्ध में शहीद हुए बीर सैन्य सपूतों की यादगार में उनके नाम का स्मारक लाहला स्थित बाबा अनन्त राम परिसर में बनने जा रहा है। इस तरह शहीदों के निमित्त इन्साफ संस्था के प्रयासों की जमकर प्रशंसा करते हुए डॉ॰ एन के कालिया ने कहा कि इन स्मारकों में शहीदों की वीरता की बाकायदा एम पी थेटर के माध्यम से डाकुमैन्टरी भी डिस्प्ले होनी चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा जैसे 4 जाट रेजिमेंट के कैप्टन सौरभ कालिया ओर उनके साथ पांच साथी सिपाही अर्जुन राम , बनवारी लाल , भीखा राम , मूला राम ओर नरेश सिंह एक गश्ती दल पर थे ओर पाकिस्तानी घुसपैठियों द्वारा पकड़े गये । 22 दिनों तक पाकिस्तान के इन दरिन्दो ने जो भारी यातनाएँ प्रताडनाएं इन्हें दी लेकिन इन्होने मोन रहने का संकल्प निभाया ओर भारतीय सेना की कोई जानकारी सांझा नहीं की । इसी तरह प्रथम युद्ध में घायल मेजर सोमनाथ शर्मा जी के हाथ में पलस्तर चढ़ा हुआ था । इन्होंने डटकर सामने दुश्मन का मुकाबला करते हुए भारत मां के मुकुट कश्मीर को बचा कर अपनी शहादत दे दी । ऎसे ही कैप्टन विक्रम वत्तरा जी ने भारत माता के शिखर पर तिरंगा फहराते अपना सर्वोच्च बलिदान दे दिया । ऎसे में इन रणबांकुरों की बीर गाथा इन स्मारकों में प्रचारित एवं प्रसारित होनी चाहिए। किससे कि भावी नौजवानो को राष्ट्र भक्ति , राष्ट्र प्रेम व मातृ भूमि की रक्षा की प्रेरणा मिले ।
इस सुअवसर पर " द लेगेसी आफ कैप्टन सौरभ कालिया , कारगिल फसर्ट हीरो " के नाम लिखत पुस्तक पूर्व विधायक प्रवीन कुमार पत्नी विन्दु वाला व इन्साफ संस्था के आई टी प्रभारी योगेश कोहली को भेंट करते हुए ।

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