चम्बा में पेयजल-सीवरेज बिल भुगतान पर रोक से जनता में संशय, प्रशासन से जवाब की मांग
चम्बा में पेयजल-सीवरेज बिल भुगतान पर रोक से जनता में संशय, प्रशासन से जवाब की मांग
चंबा : जितेन्द्र खन्ना /
जिला चम्बा में पेयजल एवं सीवरेज बिलों की भुगतान प्रक्रिया अचानक रोके जाने से आम जनता के बीच भारी संशय और रोष की स्थिति बनी हुई है। इस गंभीर विषय को लेकर चम्बा के विभिन्न सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने प्रशासन को आड़े हाथ लिया है। स्थानीय प्रतिनिधियों का कहना है कि 16 फरवरी 2026 को विभाग को इस संबंध में एक ज्ञापन सौंप कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई थी, लेकिन दो महीने से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी प्रशासन और जल शक्ति विभाग की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 की शुरुआत में विभाग द्वारा पानी और सीवरेज शुल्क में भारी बढ़ोतरी के साथ जल मीटर अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए थे, जिसका जनता ने कड़ा विरोध किया था। इसके बाद सितंबर 2025 से विभाग ने अचानक बिलों का भुगतान लेना ही बंद कर दिया, जिसके बारे में उपभोक्ताओं को कोई लिखित सूचना या सार्वजनिक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। वर्तमान में स्थिति यह है कि उपभोक्ता बिल जमा करने के लिए विभागीय कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, परंतु उन्हें कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिल रहा है। उन्होंने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर खेद व्यक्त करते हुए कहा है कि जनता के साथ संवाद स्थापित करने के बजाय अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। नागरिकों में इस बात का डर व्याप्त है कि भविष्य में विभाग लंबित बिलों की वसूली एकमुश्त ब्याज सहित कर सकता है, जो आम आदमी पर अतिरिक्त वित्तीय भार डालेगा। लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि क्या सरकार किसी नई निशुल्क जल नीति पर विचार कर रही है या फिर यह महज एक अस्थायी रोक है। जन भावनाओं को देखते हुए संगठनों ने मांग की है कि प्रशासन जल्द ही स्थिति स्पष्ट करे या लिखित स्पष्टीकरण जारी करे, ताकि चम्बा की जनता को इस मानसिक अनिश्चितता से मुक्ति मिल सके। इस मांग को लेकर विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने जल शक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता को एक मांग पत्र भी सौंपा।

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