मां बगलामुखी की जयन्ती पर 336 विद्वान ब्राह्मणों के मन्त्रोच्चारण व शंखध्वनी ने बनाया नया कीर्तिमान :- प्रवीन कुमार
मां बगलामुखी की जयन्ती पर 336 विद्वान ब्राह्मणों के मन्त्रोच्चारण व शंखध्वनी ने बनाया नया कीर्तिमान :- प्रवीन कुमार
एक तरफ मां बगलामुखी मन्दिर का निजी ट्रस्ट 336 विद्वान पण्डितों के मुखार्विन्द द्वारा मन्त्रोचारण व शंख नाद से सनातन पद्धति में नये नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है । वहीं दूसरी तरफ सरकारी ट्रस्ट किस तरह मज़ाक बनते जा रहे हैं। यह प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पालमपुर के पूर्व विधायक प्रवीन कुमार ने चामुण्डा मन्दिर ट्रस्ट का उदाहरण देते हुए कहा बहुत लम्बा समय अर्थात वर्षों हो गये इस मन्दिर के प्राचीन भवन को उखाड़ कर नये भवन के निर्माण कार्य को चले हुए । यहाँ तक की अव इस मन्दिर के निर्माण कार्य को अधूरा छोड सरकार ने हाथ खड़े कर लिए । इस तरह मन्दिर के अधर में लटके कार्य को देखकर अव मां के भक्त निर्माण कार्य को पूरा करवा रहे हैं। पूर्व विधायक ने प्रसन्नता प्रकट करते हुए कहा 336 विद्वान पण्डितों ने अपने कर्मकांड मन्त्रोचारण व शंख ध्वनि से बगलामुखी जयन्ती पर मन्दिर को इतना भक्तिमय एवं मन्त्र मुग्ध बना दिया यहाँ हर मां का भक्त मां के नारे लगाते हुए खुशी से झूम रहा था । वहीं दुसरी तरफ , पहले जव सालाना चैत्र व शरद नवरात्रे आते थे तो चामुण्डा मन्दिर में भी अदभुत नज़ारा देखने को मिलता था । कई विद्वान पण्डितों द्वारा विश्व शान्ति कल्याणार्थ हेतु महामृत्युज्य , सहस्र चण्डी , महारुद्र , गायत्री पाठ , गीता पाठ इत्यादि महायज्ञ करवाये जाते थे । पूर्व विधायक ने कहा इन दिनों दिन रात मन्दिर में भक्तिमयी वातावरण बतौर ट्रस्टी बड़ी नजदीकी के साथ देखा है। अव यहाँ मन्दिर ट्रस्ट विश्व शान्ति कल्याणार्थ हेतु ऐसे अनुष्ठान करवाने के लिए इतना कतराता अर्थात कजूंसी बर्तता है कि मानो महायज्ञ व पाठ करने वाले विद्वान पण्डितों को बतौर दक्षिणा इन्होंने ने अपनी जेव से देनी है। जव कि इस पावन एवं पवित्र कार्य के लिए कई मां के भक्त व दानवीर बढचढ कर भाग लेते हैं ओर खुलकर दान देते हैं। जव कि यही भगवती जगत तारणी हम सभी का लालन पालन कर रही है। ऐसा मन में मानसिक संकल्प बौद्ध , ज्ञान व भाव मन्दिर के ट्रस्टियों , मन्दिर आयुक्त , सहायक आयुक्त व मन्दिर अधिकारी के मन में होना चाहिए।

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