336 ब्राह्मणों के मंत्रोच्चारण और शंखध्वनि से गूंजा मां बगलामुखी मंदिर परिसर
336 ब्राह्मणों के मंत्रोच्चारण और शंखध्वनि से गूंजा मां बगलामुखी मंदिर परिसर
विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां बगलामुखी मंदिर में जयंती महोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। महोत्सव के दूसरे दिन मंदिर परिसर "जय मां बगलामुखी" के जयघोष से गुंजायमान रहा। सुबह तड़के 4 बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं, जो भक्ति के प्रति अटूट विश्वास को दर्शाती हैं।
फूलों से सजा भव्य दरबार और मंत्रोच्चारण
माता की जयंती के अवसर पर मंदिर को करीब 18 क्विंटल रंग-बिरंगे फूलों से भव्य रूप दिया गया। ये फूल विशेष रूप से कोलकाता, गुवाहाटी और गुजरात के अलावा विदेशों से मंगवाए गए थे। उत्सव का मुख्य आकर्षण 336 ब्राह्मणों द्वारा किया गया वैदिक मंत्रोच्चारण रहा। शंखध्वनि और मंत्रों की गूंज के साथ मां बगलामुखी का आह्वान किया गया, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया।
1008 कन्याओं का पूजन और महाआरती
धार्मिक अनुष्ठानों की कड़ी में माता राज कुमारी और उनके परिवार ने 1008 से अधिक कन्याओं का विधि-विधान से पूजन किया।
महाआरती: शाम को लुधियाना के 'जय महाकाल महाआरती सेवा परिवार' और मंदिर के ब्राह्मणों द्वारा भव्य महाआरती की गई।
दीप प्रज्वलन: देहरा की विधायक कमलेश ठाकुर और माता राज कुमारी ने ज्योति जलाकर महाआरती का शुभारंभ किया। करीब एक घंटे चली इस आरती को देखने के लिए हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे।
सुरक्षा और व्यवस्था: चाक-चौबंद रहा प्रशासन
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए थे:
3 सेक्टर: सुरक्षा व्यवस्था को ट्रैफिक, पार्किंग और मंदिर परिसर जैसे तीन मुख्य सेक्टरों में बांटा गया था।
निगरानी: पूरे क्षेत्र की ड्रोन और CCTV कैमरों से 24 घंटे निगरानी की गई। प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर (HHMD/DFMD) से चेकिंग सुनिश्चित की गई।
यातायात प्रबंधन: देहरा पुलिस की 50 सदस्यीय टीम तैनात रही। भारी वाहनों को रानीताल चौक और हनुमान चौक से डायवर्ट किया गया, ताकि जाम की स्थिति न बने।
महोत्सव का समापन और महायज्ञ
वीरवार को झंडा रस्म के साथ शुरू हुए इस महोत्सव का समापन शनिवार को होगा। मंदिर के मुख्य प्रबंधक महंत रजत गिरि ने बताया कि शनिवार को विशाल महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पूर्णाहुति के साथ विश्व कल्याण की कामना की जाएगी।
"हम सभी देशवासियों और प्रदेशवासियों के उत्तम स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।"
— महंत रजत गिरि एवं प्रबंध समिति

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