संस्थाओं की एकजुटता से बची विश्वविद्यालय भूमि: प्रवीन कुमार
संस्थाओं की एकजुटता से बची विश्वविद्यालय भूमि: प्रवीन कुमार
कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर की 112 हैक्टेयर जमीन बचाने ओर पालमपुर को नगर निगम बनाने के लिए स्वयं सेवी संस्थाओं की सबसे बड़ी भूमिका :- प्रवीन कुमार पूर्व विधायक ....... यह विचार व्यक्त करते हुए समाज सेवा में समर्पित इन्साफ संस्था के अध्यक्ष एवं पालमपुर के पूर्व विधायक प्रवीन कुमार ने कहा जैसे ही पालमपुर शहर की जागरुक स्वयं सेवी संस्थाओं को यह जानकारी मिकी की प्रदेश सरकार चौधरी सरवन कुमार कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर की 112 हैक्टेयर भूमि टूरजिम विलेज के नाम हस्तांतरण करने जा रही है। इसी विषय को लेकर संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने त्वरित कार्यवाही अमल में लाते हुए 02 जनवरी 2024 को तत्कालीन कार्यकारी उप कुलपति की सेवा में विरोध स्वरुप ज्ञापन प्रेषित किया ओर आग्रह किया कि विश्वविध्यालय प्रशासन द्वारा किसी प्रकार अनापति प्रमाण पत्र प्रदान न किया जाए । पूर्व विधायक एवं समाज सेवा में समर्पित इन्साफ संस्था के अध्यक्ष प्रवीन कुमार ने बताया कि बावजूद इसके विश्वविद्यालय के ऊपर सरकार का इतना दबाव पडा कि विना बोर्ड आफ डायरेक्टर की बैठक के ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने एन ओ सी जारी कर दिया ओर राजस्व अभिलेख में पर्यटन विभाग के नाम जमीन का हस्तांतरण भी हो गया । इस तरह संस्थाओं की आवाज़ के मिले वल से प्रोत्साहित कृषि विश्वविद्यालय के प्राध्यापक संघ ने मान्य उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया । इस एवज में प्रदेश सरकार मान्य सर्वोच्च न्यायालय चली ग ई । अन्ततोगत्वा संघ के तर्क व उच्च न्यायालय के निर्णय को सही ठहराते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार की याचिका को खारिज किये जाने पर तमाम स्वयं सेवी संस्थाओं ने प्रस्तावना व्यक्त की है।
प्रवीन कुमार ने बताया कि इसी तरह जव पालमपुर को नगर निगम बनाने की आवाज़ उठी तो उस वक्त सम्बधित विभाग के मन्त्री महादेव ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि पालमपुर नगर निगम बनने की शर्तों को बिलकुल पूरा नहीं करता । उस वक्त भी इसी तरह सभी स्वयं सेवी संस्थाओं ने एकत्रित होकर पूर्व मुख्यमन्त्री श्री शान्ता कुमार जी से मिलकर तर्क के साथ कहा कि हिमाचल प्रदेश की सबसे छोटी नगर परिषद पालमपुर अगर अव नगर निगम नहीं बनी तो कभी नहीं बनेगी । इस तरह तमाम संस्थाओं के प्रतिनिधियों की एकजुट मांग को दिग्गज भाजपा नेता शान्ता कुमार जी ने बहुत ही गम्भीरता से लेते हुए प्रभावी ढंग के साथ तत्कालीन मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर जी के समक्ष रखा ओर भावुक होकर कहा कि मैं भी जीते जी पालमपुर को नगर निगम देखना चाहता हूँ । पूर्व विधायक ने कहा तव जाकर ठाकुर जय राम जी ने नियमों में संशोधन करके पालमपुर को नगर निगम का दर्जा दिलाया था ।

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