पौंग झील में प्रवासी पक्षियों की संख्या में करीब 30 हजार की कमी, 15 वर्ष बाद दोबारा दिखा टैग लगा पक्षी - Smachar

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पौंग झील में प्रवासी पक्षियों की संख्या में करीब 30 हजार की कमी, 15 वर्ष बाद दोबारा दिखा टैग लगा पक्षी

 पौंग झील में प्रवासी पक्षियों की संख्या में करीब 30 हजार की कमी, 15 वर्ष बाद दोबारा दिखा टैग लगा पक्षी




  नगरोटा सूरियां : प्रेम स्वरूप शर्मा /

विश्व वैटलेड पौग झील में इस बार प्रवासी पक्षियों की संख्या में करीब 30000 की कमी आई है हर वर्ष की तरह इस बार भी पहली फरवरी रविवार को विभाग झील में आने प्रवासी पक्षियों की गणना के लिए 25 टीमें गणना के लगाई गई थी तथा जिसमें 95 विभाग के कर्मचारियों के अलावा पक्षी प्रेमी विशेषज्ञ भी इस कार्य के लिए लगाए गए थे जिसमें विभाग द्वारा बताया गया कि इस बार 115 प्रजातियों के 1 लाख 24 हजार344 प्रवासी पक्षी झील में पाए गए इस बार सबसे अधिक बार हेडेड गीज 62293नाम का पक्षी सबसे अधिक झील में पाए गए जबकि झील में इस बार 15 वर्ष जो पहले 2011 में बार हेडेड यह पक्षी जो विभाग की एक नंबर टीम लगी थी जिसमें कफ सरोज भाई पटेल तथा फॉरेस्ट गार्ड अंकुश कुमार थे उन्होंने इस 15 वर्ष पुराने पक्षी को गणना के दौरान आज फिर से झील में देखा इस पक्षी को 15 वर्ष पहले विभाग द्वारा गले में टैग लगाया गया था वह पक्षी 15 वर्ष बाद फिर से आज झील में आया था जो की एक नया रिकॉर्ड है जबकि पिछले वर्ष 97 प्रजातियों के 153719 प्रवासी पक्षी पहुंचे थे इस तरह करीब 30000 प्रवासी पक्षी इस वर्ष कम पहुंचे सबसे अधिक इस बार प्रवासी पक्षी बार हेडेड गीज 62293 एशियन कूट्स 12118 नॉर्दर्न पिनटेल 11928 कॉमन टील 7265 लिटिल कार्बोनेट 4544 ग्रेट कोस्टल 3322 ग्रे कारमोरेंट 1663 नॉर्दर्न शैवलर 1512 प्रवासी पक्षी पाए गए हैं इस बात की जानकारी डीएफओ हमीरपुर द्वारा दी गई है उधर इन प्रवासी पक्षियों की संख्या में कमी आने का कारण पक्षी प्रेमियों का बताना है कि एक तो इन प्रवासी पक्षियों को पर्याप्त भोजन नाम मिलने के कारण है दूसरा जो प्रवासी पक्षी आते हैं अपने भोजन के लिए साथ लगते किसानों के खेतों में चले जाते हैं जहां इनको कीटनाशक दवाई से मारा जाता है तो वही इनका अवैध शिकार भी खूब होता है जिसके कारण इन प्रवासी पक्षियों के आने की कमी का मुख्य कारण है यदि यही हाल रहा तो हर वर्ष झील में इन प्रवासी पक्षियों के आने की कमी आएगी जब यहां पर खेती पौंग झील के खाली क्षेत्र में होती थी तो इन प्रवासी पक्षियों को पर्याप्त भोजन मिलता था लेकिन अब खेती बंद होने से भोजन की कमी आ रही है जो की सबसे मुख्य कारण है 



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