प्राइवेट अस्पतालों में बंद हुई हिमकेयर योजना, आम जनता को दिया झटका, 350 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज

प्राइवेट अस्पतालों में बंद हुई हिमकेयर योजना, आम जनता को दिया झटका, 350 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज

सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने इस मुद्दे पर एक और कैबिनेट उप-समिति गठित की है।समिति की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री करेंगे।हालांकि यह उप-समिति स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए बनाई गई है, लेकिन यह मुफ्त स्वास्थ्य कार्ड से जुड़ी योजनाओं की भी समीक्षा करेगी।सुखविंदर सिंह सरकार ने समिति में चार और मंत्रियों को शामिल किया है।इनमें स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनी राम शांडिल, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, कृषि मंत्री चौधरी चंद्र कुमार और आयुष मंत्री यादविंदर सिंह गोमा शामिल हैं

आपको बता दें कि सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने कैबिनेट बैठक में इस बात पर भी चर्चा की थी कि क्या सरकारी कर्मचारियों को हिमकेयर कार्ड की सुविधा मिलनी चाहिए।कैबिनेट में इस बात पर सहमति बनी कि अब सरकारी कर्मचारियों के लिए भी हिमकेयर कार्ड बंद कर दिया जाएगा।सरकार के ध्यान में यह तथ्य आया था कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी  है तो उसके परिवार में कहीं न कहीं उसकी पत्नी के नाम पर भी हिमकेयर कार्ड बना हुआ है।सरकारी कर्मचारियों को वैसे भी चिकित्सा प्रतिपूर्ति की सुविधा मिलती है।अब जांच में पता चला कि अगर किसी सरकारी कर्मचारी ने हिमकेयर कार्ड बनवाया है तो उसे ब्लॉक कर दिया जाएगा।

 तो वहीं दूसरी तरफ सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार ने निजी अस्पतालों की बढ़ती देनदारी का भुगतान करने में खुद को असमर्थ पाकर इसे निजी अस्पतालों के लिए बंद करने का फैसला किया है।यानी सरकार अब निजी अस्पतालों में हिमकेयर योजना नहीं चलाएगी। हिमकेयर कार्ड धारक अब निजी अस्पतालों में इलाज नहीं करा पाएंगे।आम लोगों के लिए यह बड़ा झटका होगा।

हिमाचल प्रदेश में जो लोग किसी कारणवश सरकारी अस्पतालों में इलाज नहीं करवा पाते थे, वे निजी अस्पतालों में जाकर हिमकेयर योजना का लाभ उठाते थे।इसके तहत पांच लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज किया जा रहा है। हिमकेयर कार्ड हिमाचल प्रदेश तथा हिमाचल प्रदेश के बाहर 141 निजी स्वास्थ्य संस्थानों में क्रियाशील है।सरकार ने इलाज का खर्च उठाया।292 सरकारी और निजी अस्पताल हैं जहां हिमकेयर कार्ड सुविधा उपलब्ध है।यदि वे समय-समय पर निजी अस्पतालों को भुगतान नहीं करते तो हिमकेयर कार्ड  काम नहीं करते। सरकार समय पर बकाया राशि का भुगतान करने में विफल रही है।सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में इस योजना के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था। भुगतान की गई राशि बहुत अधिक थी।100 करोड़ रूपये पहले ही खर्च किये जा चुके हैं।वर्तमान में हिमकेयर योजना के तहत सरकार पर 350 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है।हिमाचल प्रदेश में हिमकेयर योजना के तहत लगभग 31 लाख कार्ड बनाए जा चुके हैं।

आपको ज्ञात ही होगा कि हिमकेयर योजना 2019 में पिछली जय राम ठाकुर के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार द्वारा शुरू की गई थी। हालांकि हिमाचल के लोगों को केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना का लाभ मिल रहा था, लेकिन जो लोग आयुष्मान योजना के दायरे में नहीं थे, उनके लिए पूर्व भाजपा सरकार ने हिमकेयर योजना शुरू की थी।




टिप्पणियाँ

खबर को दोस्तों के साथ साझा करें:


हिमाचल मीडिया से जुड़ें:

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

ज्वाली के हार, नाणा, बालदोआ सड़क 10 से 23 अक्टूबर तक रहेगी बंद, जानें वैकल्पिक रूट

जौंटा व खज्जियां के युवकों से 10.47 ग्राम चिट्टा हुआ बरामद, सीट के फुट मैट के नीचे छिपाया था

पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के PSO रहे बलवंत पठानिया का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

क्षेत्र में 6 दिन हुई भूख हड़ताल के समापन पर अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार संघ के निदेशक राजेश सिंह पठानिया ने उठाए अनेको सवाल

जिला पुलिस नूरपुर की एक टीम ने अपनी बुद्धिमत्ता से 48 घंटे में चोरी का मामला सुलझाया गया

सुनेट में पसरा मातम: हरियाणा में सड़क हादसे ने छीना विधवा मां का इकलौता सहारा

हटली जंबाला पंचायत बनी ‘चिट्टा मुक्त नूरपुर, नशा मुक्त नूरपुर’ अभियान की 16वीं पंचायत

मिनी सचिवालय फतेहपुर में खुली कैंटीन, बाजार से कम दाम पर मिलेगा ब्रेकफास्ट और लंच

चौधरी चंद्र कुमार द्वारा तबादलों का मुद्दा कैबिनेट में उठाना जायज, लेकिन बूथ और मंडल स्तर के कार्यकर्ताओं की अनदेखी भी बंद हो: साधू राम राणा

जयसिंहपुर के राज्य स्तरीय दशहरा उत्सव में पंजाबी गायक निंजा मचाएंगे धमाल