पूर्व सैनिक एवं वीर नारियां कल्याण एवं विकास समिति
पूर्व सैनिक एवं वीर नारियां कल्याण एवं विकास समिति
भराड़ी, तहसील घुमारवीं-सुबेदार मेजर संजीव कुमार
हिमाचल प्रदेश वैटरन सैनिक कल्याण एवं विकास समिति व एक्स सर्विसमैन सैनिक लीग बिलासपुर हि०प्र० के अध्यक्ष वैटरन कैप्टन बालक राम शर्मा ने बताया कि हमारे वैटरन सैनिकों व वीर नारीयों के उत्थान के लिए एम्स निर्देशक से निम्न विषयों पर चर्चा की गई जो निचे विस्तार से जानकारी दी गई एम्स निर्देशक ने आश्वासन्लासपुर में पूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों की चिकित्सा देखभाल हेतु समन्वय — चर्चा बिंदु
पूर्व सैनिक एवं वीर नारियां कल्याण एवं विकास समिति, भराड़ी (तहसील घुमारवीं, जिला बिलासपुर) एम्स बिलासपुर में हमारे पूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों के उपचार को सुगम बनाने हेतु निम्नलिखित बिंदुओं पर चर्चा एवं शीघ्र कार्रवाई का निवेदन करती है:
1. आपातकाल एवं ट्रॉमा (गोल्डन आवर). पूर्व सैनिकों/वीर नारियों (60 वर्ष से अधिक एवं गंभीर मामलों) के लिए फास्ट-ट्रैक ट्राइएज; सर्जरी/ऑर्थो/एनेस्थीसिया/रेडियोलॉजी/ब्लड बैंक की ऑन-कॉल सक्रियता; गोल्डन आवर में सीटी/एमआरआई की सुनिश्चित उपलब्धता तथा एम्बुलेंस हैंडओवर की स्पष्ट एसओपी।
2. ईसीएचएस रेफरल एवं कैशलेस उपचार. ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक घुमारवीं के रेफरल की सहज स्वीकृति, अनावश्यक जाँचों की पुनरावृत्ति न हो; स्पष्ट कैशलेस प्रक्रिया एवं पूर्व-प्राधिकरण की समय-सीमा (आपातकाल में उसी दिन; सामान्य में 48 घंटे); ईसीएचएस–एम्स समन्वय हेतु नोडल अधिकारी नामित करना।
3. ओपीडी पहुँच.पूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों के लिए समर्पित पंजीकरण काउंटर/समय-स्लॉट; अधिक भार वाली विशेषज्ञताओं (कार्डियोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, यूरोलॉजी, नेत्र, ईएनटी) में प्राथमिकता स्लॉट; दूरस्थ गाँवों के स्थिर रोगियों हेतु टेली-परामर्श फॉलो-अप।
4. स्टाफ एवं क्लिनिकल अनुभव. अनुभवी मेडिकल अधिकारियों/विशेषज्ञों की संख्या बढ़ाई जाए; आपातकाल/जराचिकित्सा (Geriatric) में नए कवर की तुलना में अनुभवी चिकित्सकों को प्राथमिकता; भर्ती पूर्व सैनिकों के लिए वरिष्ठ कंसल्टेंट-नेतृत्व वाले राउंड एवं देखभाल की निरंतरता।
5. जाँच एवं व्यवहार्य वरिष्ठजनों हेतु लैब/रेडियोलॉजी में प्राथमिकता स्लॉट; गंभीर जाँचों की रिपोर्ट उसी दिन; रिपोर्ट की डिजिटल उपलब्धता (ई-मेल/व्हाट्सऐप) तथा ईसीएचएस रिकॉर्ड से लिंकेज; शय्याग्रस्त रोगियों हेतु होम सैंपल कलेक्शन की व्यवहार्यता
6. इन-पेशेंट देखभाल एवं सुविधाएँ. भीड़ के समय आरक्षित बेड/वार्ड स्थान; पूर्व सैनिकों के लिए सुव्यवस्थित प्रवेश/डिस्चार्ज डेस्क; प्रवेश द्वार पर व्हीलचेयर/पोर्टर सहायता; अटेंडेंट पास की सुविधा; हिंदी/अंग्रेज़ी में दवाओं की सूची सहित डिस्चार्ज सारांश एवं अगली समीक्षा तिथि।
7. दवाएँ, इम्प्लांट एवं उपभोग्य. सामान्य दवाओं/इम्प्लांट की उपलब्धता सूची एवं स्टॉक-आउट की पूर्व सूचना; इम्प्लांट (स्टेंट, पेसमेकर, जॉइंट) प्रक्रिया में पारदर्शिता, विकल्प व समय-सीमा; वरिष्ठजनों/पूर्व सैनिकों के लिए समर्पित फार्मेसी विंडो।
8. जराचिकित्सा एवं पैलिएटिव केयर. निश्चित जराचिकित्सा ओपीडी दिवस; फिज़ियोथेरेपी स्लॉट; दर्द एवं पैलिएटिव केयर से लिंकेज; वीर नारियों/देखभालकर्ताओं हेतु परामर्श एवं मेडिकल सोशल वर्कर की सुविधा।
9. हेल्पडेस्क, शिकायत निवारण एवं समीक्षा. चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय के अधीन ‘वेटरन्स हेल्पडेस्क’ (स्थान, समय, संपर्क); सात कार्य दिवसों में समयबद्ध शिकायत निवारण एवं एस्केलेशन मैट्रिक्स; ईसीएचएस एवं वेटरन्स समिति के साथ मासिक समीक्षा बैठक एवं कृत कार्रवाई रिपोर्ट।
10. सूचना एवं आउटरीच. घुमारवीं/भराड़ी में क्रमवार मासिक स्क्रीनिंग शिविर (बीपी, शुगर, ईसीजी, नेत्र); प्रमुख काउंटरों पर हिंदी में पात्रता एवं प्रक्रिया के चरणबद्ध चार्ट का प्रदर्शन; जागरूकता वार्ता (हृदय चेतावनी संकेत, स्ट्रोक-FAST, गिरने से बचाव)
11. दस्तावेज़ एवं एमआईएस. रेफरल प्रवेश हेतु आवश्यक दस्तावेज़ों की चेकलिस्ट (हिंदी में फॉर्म एवं सहायता); मासिक एमआईएस साझा करना (उपचारित पूर्व सैनिक/वीर नारियां, औसत प्रतीक्षा समय, लंबित मामले, आपातकाल परिणाम)।
12. त्रैमासिक जिला/तहसील कल्याण बैठक में वेटरन सदस्य की सहभागिता.जिले एवं तहसील स्तर की कल्याण बैठकों (Quarterly Welfare Meetings) में समिति के नामित वेटरन सदस्य को आमंत्रित किया जाए, ताकि पूर्व सैनिकों/वीर नारियों के बिंदु व शिकायतें सीधे प्रस्तुत हों, समाधान हेतु समय-बद्ध कार्य योजना बने और अनुपालन की समीक्षा हो।
तत्काल अनुरोध: (i) नोडल अधिकारी अधिसूचित कर ‘वेटरन्स हेल्पडेस्क’ को संपर्क विवरण सहित क्रियाशील किया जाए; (ii) आपातकाल फास्ट-ट्रैक एसओपी तथा पूर्व-प्राधिकरण/जाँच की समय-सीमा की पुष्टि; (iii) अगली समीक्षा तिथि (30 दिनों के भीतर) निर्धारित कर दोनों पक्षों के संपर्क अधिकारी नामित किए जाएँ।
सादर,
सूब मेजर संजीव कुमार (सेवानिवृत्त)
अध्यक्ष कैप्टन किशोर कुमार — लेखा अधिकारी सूब मेजर बी. एस. जैसवाल (सेवानिवृत्त)
प्रदेशाध्यक्ष वैटरन कैप्टन बालकराम शर्मा
अध्यक्ष सुबेदार रणजीत सिंह (सेवानिवृत्त)
पूर्व सैनिक एवं वीर नारियां कल्याण एवं विकास समिति, भराड़ी
तहसील घुमारवीं, जिला बिलासपुर (हि.प्र.)

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