आईआईटी मंडी ने कैंपस स्कूल का प्रबंधन अपने हाथों में लिया

 आईआईटी मंडी ने कैंपस स्कूल का प्रबंधन अपने हाथों में लिया


मंडी : अजय सूर्या /

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी ने अपने कैंपस स्कूल के संचालन को लेकर बड़ा फैसला लिया है। संस्थान प्रशासन ने घोषणा की है कि अब कैंपस स्कूल सीधे आईआईटी मंडी के स्वामित्व और प्रबंधन में संचालित होगा। यह कदम छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए स्कूल की शैक्षिक गुणवत्ता और प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि इस संक्रमण काल के दौरान वे फिलहाल स्कूल फीस जमा न करें, न ही किताबें और यूनिफॉर्म खरीदें, जब तक कि संस्थान की ओर से आगे के निर्देश जारी न किए जाएं।

आईआईटी मंडी प्रशासन वर्तमान में स्कूल के लिए एक व्यापक संचालन ढांचा तैयार कर रहा है। साथ ही, यह भी जानकारी दी गई है कि शैक्षणिक सत्र 2026 -27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया अप्रैल 2026 के तीसरे सप्ताह से शुरू होने की संभावना है।

संस्थान ने सभी अभिभावकों से धैर्य बनाए रखने और केवल आईआईटी मंडी की आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने का आग्रह किया है। प्रशासन ने इस बदलाव के दौरान सहयोग और समझ के लिए सभी संबंधित पक्षों का आभार भी जताया है।

यह सूचना रजिस्ट्रार, आईआईटी मंडी द्वारा सक्षम प्राधिकरण की अनुमति से सार्वजनिक हित में जारी की गई है।

टिप्पणियाँ

खबर को दोस्तों के साथ साझा करें:


हिमाचल मीडिया से जुड़ें:

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

10वीं ,12वीं ,ग्रेजुएट इच्छुक आवेदक करें आवेदन

सरकार बदलते ही सरकारी स्कूलों में बैग आबंटन पर रोक लगा दी

नशीले पदार्थों पर टैक्स में वृद्धि करने की मांग को लेकर उपायुक्त चम्बा डीसी राणा के माध्यम से केंद्रीय वित्त मंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया

कांगड़ा में भारी बारिश का रेड अलर्ट, कल सभी शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे

भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट: कांगड़ा जिला में कल बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज

90-90 मीटर के छक्के लगा रहे वैभव सूर्यवंशी, लगा ये सनसनीखेज आरोप

चंबा में सदवां के ट्रैक्टर मैकेनिक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत

हरसर देहरी की लड़की ने हाड़ा में खुद की वीडियो पर लिया यूं टर्न,कहा डिप्रेशन में बनाई थी वीडियो

वजीर राम सिंह राजकीय महाविद्यालय देहरी में लगी आग

भारी बारिश के बीच हिमाचल में उच्च शिक्षा संस्थान बंद, ऑनलाइन कक्षाओं पर जोर