पालमपुर में चिट्टा तस्करों के हौसले बुलंद, आखिर किसके संरक्षण में चल रहा नशे का कारोबार? : त्रिलोक कपूर
पालमपुर में चिट्टा तस्करों के हौसले बुलंद, आखिर किसके संरक्षण में चल रहा नशे का कारोबार? : त्रिलोक कपूर
पालमपुर। भाजपा प्रदेश वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक कपूर ने आज पालमपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में पालमपुर शहर में लगातार बढ़ रही चिट्टे की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए प्रदेश की कांग्रेस सरकार और स्थानीय प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि पालमपुर में नशे का बढ़ता कारोबार केवल कानून व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि हमारे युवाओं के भविष्य और समाज के अस्तित्व से जुड़ा एक अत्यंत गंभीर विषय है।
त्रिलोक कपूर ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के कार्यकाल में पालमपुर में चिट्टे की बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए शहर के निकट विंद्रावन में अस्थायी पुलिस चौकी स्थापित की गई थी। इस चौकी का मुख्य उद्देश्य चिट्टा तस्करों पर निगरानी रखना और नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करना था। पुलिस चौकी की सक्रियता से नशा तस्करों में भय का माहौल बना था और इस दिशा में सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिले थे।
उन्होंने सवाल उठाया कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार के सत्ता में आते ही विंद्रावन की इस अस्थायी पुलिस चौकी को क्यों हटा दिया गया? आखिर इस चौकी को हटाने की क्या आवश्यकता थी और इसके पीछे किसका दबाव था? उन्होंने कहा कि पालमपुर की जनता आज भी इस सवाल का जवाब चाहती है।
कपूर ने कहा कि आज स्थिति यह है कि पालमपुर में आए दिन चिट्टा पकड़े जाने की खबरें सामने आ रही हैं। हाल ही में पालमपुर के मुख्य बाजार स्थित एक हैंडलूम दुकान में कोरियर के माध्यम से आए सामान से 10.41 ग्राम चिट्टा बरामद होने की घटना बेहद चिंताजनक है। हैरानी की बात है कि यह दुकान पुलिस थाना पालमपुर से महज लगभग 100 मीटर की दूरी पर स्थित है। इससे नशा तस्करों के बढ़ते हौसलों का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने इस मामले में दुकान के मालिक और संबंधित कारोबारियों से भी गहन पूछताछ करने तथा पूरे नेटवर्क की जांच करने की मांग की।
भाजपा नेता ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में चिट्टे से जुड़ी अन्य घटनाएं भी सामने आई हैं, जिनमें पर्याप्त मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद होने की खबरें हैं। पुलिस द्वारा आरोपियों को पकड़ने की कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन केवल छोटे स्तर के आरोपियों की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है। असली सवाल यह है कि इस पूरे नेटवर्क का सरगना कौन है और इस अवैध कारोबार को कौन संरक्षण दे रहा है?
भाजपा प्रदेश वरिष्ठ प्रवक्ता ने कहा कि पालमपुर में प्रदेश सरकार, स्थानीय विधायक और नगर निगम तीनों कांग्रेस से जुड़े हैं। ऐसे में जनता जानना चाहती है कि आखिर नशे के बढ़ते कारोबार को रोकने के लिए जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और प्रशासन क्या कदम उठा रहे हैं? नगर निगम और सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस सार्वजनिक प्रतिक्रिया या प्रभावी कार्रवाई सामने क्यों नहीं आई है?
उन्होंने इस विषय को लगातार प्रमुखता से उठाने वाले स्थानीय पत्रकार नीलम सूद की सराहना करते हुए कहा कि समाज के हित में निर्भीकता से आवाज उठाना सराहनीय है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई किसी राजनीतिक दल की लड़ाई नहीं है। चिट्टा भाजपा, कांग्रेस या किसी पार्टी के कार्यकर्ता को नहीं, बल्कि पूरे समाज और विशेषकर हमारी युवा पीढ़ी को बर्बाद कर रहा है। जिस परिवार का बच्चा इस नशे की चपेट में आता है, उस परिवार की पीड़ा और स्थिति को शब्दों में बयां करना मुश्किल है।
कपूर ने कहा कि पालमपुर की पहचान शिक्षा, संस्कृति और शांतिपूर्ण वातावरण के लिए रही है, लेकिन लगातार सामने आ रही नशे की घटनाओं से शहर की छवि प्रभावित हो रही है। यह चिंता का विषय है कि हमारे युवा किस दिशा में जा रहे हैं और उनके भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए जिम्मेदार लोग अपनी जिम्मेदारी क्यों नहीं निभा रहे हैं।
अंत में त्रिलोक कपूर ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार से सीधे सवाल करते हुए कहा कि विंद्रावन की पुलिस चौकी क्यों हटाई गई? इसे हटाने के पीछे क्या कारण थे और किसके दबाव में यह निर्णय लिया गया?
उन्होंने मांग की कि पालमपुर में नशे के पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष और गहन जांच हो, मुख्य सरगनाओं तथा उन्हें संरक्षण देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और विंद्रावन में पुलिस चौकी को पुनः स्थापित किया जाए।
उन्होंने कहा कि यह केवल भाजपा का सवाल नहीं, बल्कि पालमपुर की जनता, अभिभावकों और अपने बच्चों का भविष्य सुरक्षित देखना चाहने वाले हर नागरिक का सवाल है। सरकार को इस गंभीर विषय पर चुप्पी तोड़कर जनता के सामने अपना आधिकारिक पक्ष रखना चाहिए।

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