कृषि स्वरोजगार प्रशिक्षण शिक्षार्थियों ने किया क्षेत्रीय भागवानी अनुसंधान केंद्र जाछ का दौरा आज
कृषि स्वरोजगार प्रशिक्षण शिक्षार्थियों ने किया क्षेत्रीय भागवानी अनुसंधान केंद्र जाछ का दौरा आज
नूरपुर:-(विनय महाजन )
नूरपुर प्रदेश के पालमपुर में चल रहे 1 वर्षीय कृषि विभाग कृषि सेवाओं एवं विस्तार डिप्लोमा के लगभग 40 छात्रों ने आज क्षेत्रीय भाग वन अनुसंधान केंद्र जाच्छ का दौरा कियाl इस समारोह के मुख्य अतिथि डॉ बी एल कपूर ने बताया कि इस 1 वर्षीय डिप्लोमा में जो कृषि सेवाओं सभाओं में सेवाएं दे रहे हैं कर्मचारी है या स्वरोजगार के लिए कार्य करने वाले पढ़े लिखे युवक एवं युवतियों को कृषि उपकरणों का कृषि इनपुट का प्रशिक्षण देकर के तैयार किया जाता है ताकि वह स्वरोजगार या सरकारी सहकारी सभा में अपनी दक्षता बढ़ा सके उनका दौरा था। क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान केंद्र के सह निदेशक डॉक्टर विपन गुलरिया जी ने कहा की कृषि वैज्ञानिक आधार पर होने के कारण कोई भी दवाई एवं बीज बिना प्रामाणिकता के बेचना माना है इसलिए जो लोग अपना स्वराज्यगर का कार्य करना चाहते हैं उनको भारत सरकार व हिमाचल सरकार की तरफ से 1 वर्षीय डिप्लोमा करवाया जाता है ताकि वह किसानों की जरूरत को एवं पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए समाज की सेवा कर सके। वह अपनी आजीविका भी कमा सकें। क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान केंद्र के बागवानी विशेषज्ञ डॉक्टर राजेश कलर ने शिक्षार्थियों को बताया कि किस प्रकार उन्नत पौध तैयार की जा सकती है और विभिन्न प्रकार के किस्म को कैसे फील्ड में पहचाना जा सकता है । प्रधान वैज्ञानिक बागवानी डॉक्टर राजेश क्लिनिक बागवानी की पौध में आने वाली विभिन्न बीमारियों के बारे में उनके लक्षणों के बारे में भ्रमण पर आए 40 शिक्षार्थियों को जानकारी दें केंद्र में लग रहे नए बायो चार प्लांट के बारे में भी डॉक्टर रेनू कपूर ने बताया कि आने वाले समय में मिट्टी के अंदर कार्बन की क्षमता कम होने जा रही है जिसके लिए बायोचार पद्धति से हम उसे गुणवत्ता को बचा सकते हैं।

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