मित्रवत चिकित्सा संस्थान में स्थापित होगी 3 मित्रता एम. रिटार्यम मशीनः मुख्यमंत्री
मित्रवत चिकित्सा संस्थान में स्थापित होगी 3 मित्रता एम. रिटार्यम मशीनः मुख्यमंत्री
कॉलेज मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी को मेट्रिक करने के लिए आवश्यकता है चॉकलेट में दी जाएगी छूट: मुख्यमंत्रीफर्म में एक्सपोज़र स्टॉक मार्केट पर सरकार कर रही विचार: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज कॉलेज मेडिकल कॉलेज के फैकल्टी दल एवं छात्रों के साथ संवाद किया। इस संवाद सत्र में उन्होंने क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक संवाद बनाने के संबंध में विचार-विमर्श भी किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉलेज मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी को मजबूत करने के लिए कॉलेजों में आवश्यक छूट प्रदान की जाएगी। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों में नई एक्स-रे मशीन, किट लेप्रोस्कोपिक उपकरण, सीट स्कैन मशीन और एम्स, नई दिल्ली के स्टोर्स पर मेडिकल कॉलेजों से युक्त 3 मेडिकल एम् जर्नलिस्ट मशीन स्थापित करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मेडिकल कॉलेजों में 20 बेड की स्थापना के लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार करने के लिए सरकार को निर्देश दिए ताकि आवश्यक कार्रवाई समय पर शुरू की जा सके। उन्होंने कहा कि कॉलेज में फैकल्टी के संचार के बाद संस्थान में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू करने की ताकत हासिल की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अगले 10 दिनों में 40 स्टाफ़ नर्सों की आर्गेनाइजेशन की घोषणा की। इसके अतिरिक्त, रेडियोग्राफर और अन्य तकनीकी कर्मचारियों को भी नियुक्त किया जाएगा ताकि दलित को बेहतर स्वास्थ्य सेवा सुचारु और प्रभावी ढंग से मिल सके।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्यमों को विदेश में एक्सपोजर स्टार्टअप्स पर भी विचार कर रही है और इस संबंध में एक नीति तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के एकपोजर क्लाइंट्स को अन्य देशों की उन्नत चिकित्सा तकनीकों और आधुनिक तकनीकों का अनुभव प्राप्त करने का अवसर दिया गया, जिससे वे सबसे अच्छे स्वास्थ्य गुणों का संचालन प्रदेश में सुनिश्चित कर सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य अवसंरचना और स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है और इस दिशा में लगभग 3,000 करोड़ रुपये खर्च किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से न केवल प्रदेशवासियों को लाभ मिलेगा, बल्कि राज्य में स्वास्थ्य पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह आईजीएमसी, डॉ. वाई.एस.सी. परमार सरकारी मेडिकल कॉलेज, नाहन, एम्स चमियाना, डॉ. राजेंद्र प्रसाद शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, टांडा और श्री लाल पुरोहित शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, नेरचौक में फैकल्टी एवं छात्रों के साथ संवाद कर चुके हैं। इन संवाद सत्रों में राज्य सरकार द्वारा स्ट्रीट स्ट्रीट की प्रक्रिया में सुझाव प्राप्त किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में मौजूद कमियों को दूर करने के लिए सु नियोजित प्रयास किए जा रहे हैं और सरकार का लक्ष्य इस साल के अंत तक प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्डियोलॉजी विभाग में कॉलेज मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जा रही है। इसके अलावा सीनियर रेजिडेंट (एसआर) के 23 पद और पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) के 28 पद अलग-अलग किए गए हैं, जिससे संस्थान में स्वास्थ्य पेशेवरों और अधिक जानकारी मिलती है। उन्होंने कहा कि ग्रुप में सीनियर रेजिडेंट मरीजों के निर्माण के लिए 18.98 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने स्वास्थ्य सेवा निदेशालय (डीएचएस) और चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशालय (डीएमई) के कैडर को भी वेतन वृद्धि के साथ अलग कर दिया है।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष अमूल सिंह पठानिया, विधायक नीरज नैय्यर, हरदीप बावा और डी.एस. ठाकुर, पूर्व मंत्री आशा कुमारी, एपीएमसी मंडल के अध्यक्ष ललित ठाकुर, कांग्रेस नेता यशवंत खन्ना, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीत भरमौरी, विलायती मुकेश रैपसवाल, पुलिस अध्यक्ष विजय कुमार सकलानी, चिकित्सा महाविद्यालय के कार्यशाला डॉ. पंकज गुप्ता और अन्य वैज्ञानिक वैज्ञानिक थे।

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