सितंबर 1991 में 1500 मेगावाट नाथपा झाकडी पावर हाउस को पूर्व मुख्यमंत्री शांता सरकार द्वारा निजी हाथों में देने के विरोध में हिमाचल प्रदेश में बहुत बड़ा आंदोलन किया था स्व चंद्र सिंह मड़ियाल
सितंबर 1991 में 1500 मेगावाट नाथपा झाकडी पावर हाउस को पूर्व मुख्यमंत्री शांता सरकार द्वारा निजी हाथों में देने के विरोध में हिमाचल प्रदेश में बहुत बड़ा आंदोलन किया था स्व चंद्र सिंह मड़ियाल
(नूरपुर:-विनय महाजन)
नूरपुर प्रदेश विद्युत बोर्ड पेंशनर फोरम हिमाचल प्रदेश महामंत्री व कर्मचारी यूनियन के पूर्व महामंत्री स्वर्गीय चंद्र सिंह मंडयाल के आकस्मिक निधन पर पेंशनर फोरम और कर्मचारी यूनियन ने आज गहरा शोक व्यक्त किया और दो मिनट का मौन भी रखा । राणा फार्म बौढ जसूर मे सैकड़ों कर्मचारियों और पेंशनरों ने इकट्ठा होकर स्व मंडियाल को श्रद्धासुमन अर्पित किएl इस अवसर पर विद्युत पेंशनर फोरम के राज्य उपाध्यक्ष पवन मोहल और कर्मचारी यूनियन के डिप्टी जनरल सेक्रेटरी अश्वनी ठाकुर ब नूरपुर इकाई के सचिव अरुण सहोत्रा ने एक संयुक्त बयान में कहा कि स्वर्गीय चंद्र सिंह मंडयाल के निधन से विद्युत बोर्ड पेंशनर और कर्मचारियों के लिए अपूरणीय क्षति हुई है उसे भरा नहीं जा सकताl मंडयाल एक अनुभवी कर्मठ और वेदाग नेता थे जिन्होंने 28 वर्ष तक कर्मचारी यूनियन के महामंत्री के रूप में कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए कई बड़े आंदोलन किए।जिनमें सितंबर 1991 में 1500 मेगावाट नाथपा झाकडी पावर हाउस को पूर्व मुख्यमंत्री शांता सरकार द्वारा निजी हाथों में देने के विरोध में हिमाचल प्रदेश में बहुत बड़ा आंदोलन किया था l अगर आज 1500 मेगावाट नाथपा झाखड़ी पावर हाउस हिमाचल विद्युत बोर्ड के अधीन होता तो करोड़ों रुपए की आमदनी बिजली बोर्ड में आती जिसका सीधा-सीधा लाभ हिमाचल की जनता को होता स्वर्गीय मंडयाल ने विद्युत बोर्ड में कर्मचारियों के लिए ऐसे प्रमोशन नियम बनाए कि टी मेट के पद पर कार्यरत कर्मचारियों को पदोन्नति के माध्यम से एसडीओ और क्लर्क के पद पर कार्यरत कर्मचारी को प्रमोशन के माध्यम से अंडर सेक्रेटरी के पद तक पहुंचाया l हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड के कर्मचारियों को पंजाब विद्युत बोर्ड के स्केल हिमाचल में लागू करवाए। जिससे विद्युत कर्मचारियों को लाखों रुपए का फायदा हुआ। इसके अतिरिक्त मंड्याल ने वर्ष 2017 में विद्युत पेंशनर फोरम हिमाचल प्रदेश के महासचिव के रूप में उन्होंने ने पेंशनर्ज के हितों और अधिकारों के लिए निरंतर प्रयास किया। स्वर्गीय चंद्र सिंह मंडयाल का योगदान नेतृत्व क्षमता और कर्मचारी और पेंशनज के हितों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सदैव स्मरणीय रहेगी उनके निधन से कर्मचारी एवं पेंशनर्स जगत ने एक अनुभवी मार्गदर्शक और समर्पित नेता खो दिया है। इस अवसर पर विद्युत पेंशनर फोरम नूरपुर ईकाई के सभी संगठन पदाधिकारी मौजूद रहे l

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