बनीखेत में सत्संग आश्रम का भव्य उद्घाटन, श्रद्धा और आस्था का उमड़ा जनसैलाब

 बनीखेत में सत्संग आश्रम का भव्य उद्घाटन, श्रद्धा और आस्था का उमड़ा जनसैलाब


चम्बा : जितेंद्र खन्ना /

हिमाचल प्रदेश के बनीखेत में आज   ठाकुर अनुकुलचंद्र के सत्संग आश्रम का भव्य उद्घाटन अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ। पदर ग्राउंड में आयोजित इस विशाल कार्यक्रम में देशभर से हजारों श्रद्धालु शामिल हुए।

कार्यक्रम सुबह 11 बजे आरंभ होकर शाम 4 बजे तक चला, जिसमें भजन-कीर्तन, भक्ति संगीत, हिमाचली लोक संस्कृति की प्रस्तुतियां, निशुल्क चिकित्सा शिविर और भंडारे का आयोजन किया गया। पंजाब, असम, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और देवघर सहित कई राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस अवसर पर पहुंचे।

ठाकुर अनुकुलचंद्र केवल एक आध्यात्मिक गुरु ही नहीं, बल्कि समाज सुधारक, शिक्षाविद, दार्शनिक, चिकित्सक और वैज्ञानिक भी थे। उन्होंने “Being and Becoming” (अस्तित्व और उत्कर्ष) की अवधारणा के माध्यम से जीवन के समग्र विकास पर जोर दिया। उनके उपदेश विज्ञान और अध्यात्म के संतुलन पर आधारित हैं, जो व्यक्ति को आदर्श जीवन की ओर प्रेरित करते हैं।

उन्होंने सिखाया कि धर्म केवल अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन को बेहतर बनाने और निरंतर विकसित करने का एक वैज्ञानिक मार्ग है।

सत्संग आंदोलन, जिसका मुख्य केंद्र देवघर में स्थित है, आज एक वैश्विक मिशन के रूप में कार्य कर रहा है। यह “यजन, याजन और इष्टभृति” की जीवनशैली को बढ़ावा देता है, जो आत्म-संस्कार, आदर्श के प्रसार और प्रेमपूर्ण जीवन जीने की प्रेरणा देता है।

यह आंदोलन शिक्षा, कृषि, उद्योग और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में सक्रिय रहते हुए एक सशक्त और आध्यात्मिक रूप से उन्नत समाज के निर्माण की दिशा में कार्य कर रहा है। ठाकुर अनुकुलचंद्र के विचारों से महात्मा गांधी, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, सुभाष चंद्र बोस, चितरंजन दास और लाल बहादुर शास्त्री जैसे महान व्यक्तित्व भी प्रेरित हुए।

आचार्य देव के नेतृत्व में नई दिशा

वर्तमान में इस आंदोलन का मार्गदर्शन  आचार्य देव कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में सत्संग आंदोलन को नई ऊर्जा और विस्तार मिला है। कार्यक्रम में आचार्य देव ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए आध्यात्मिक जीवन के महत्व पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के कई प्रमुख जनप्रतिनिधि, विधायक और सांसद भी उपस्थित रहे और उन्होंने इस आयोजन को क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण बताया।

श्रद्धालुओं ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह आश्रम क्षेत्र में आध्यात्मिक जागरूकता और सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र बनेगा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी विश्वास जताया कि देवभूमि हिमाचल में इस तरह के आयोजन समाज में नैतिकता, एकता और आध्यात्मिकता को और मजबूत करेंगे।

आने वाले समय में यह सत्संग आश्रम आध्यात्मिक शिक्षा, सामाजिक सेवा और जनकल्याणकारी गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनकर

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