फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का भंडाफोड़
साइबर साउथ पुलिस का बड़ा एक्शन: एक और फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का भंडाफोड़, फिलीपींस तक जुड़े हैं तार
गुरुग्राम: साइबर अपराध के खिलाफ अपनी मुहिम जारी रखते हुए साइबर साउथ थाना पुलिस ने एक और अंतरराष्ट्रीय फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कॉल सेंटर के डायरेक्टर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और कम्युनिकेशन एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सिम बॉक्स के जरिए विदेशों से होती थी ठगी
पुलिस को एसआई सोमवीर की तहरीर पर सूचना मिली थी कि 'टिकल कॉल सेंटर प्राइवेट लिमिटेड' के जरिए विदेशों में बैठे गिरोह के साथ मिलकर धोखाधड़ी का खेल चल रहा है। जांच में सामने आया कि यह कॉल सेंटर सिम बॉक्स (Sim Box) तकनीक का इस्तेमाल कर विदेशी कॉल्स को लोकल कॉल्स में बदल देता था। इसके जरिए जालसाज लोगों को डरा-धमककर उनसे मोटी रकम ऐंठते थे।
दिल्ली का मनोज है मास्टरमाइंड
मामले की गहराई से जांच करने पर इस फर्जी कॉल सेंटर के डायरेक्टर की पहचान दिल्ली निवासी मनोज के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार:
दो दिन पहले पकड़े गए एक अन्य फर्जी कॉल सेंटर की जांच के दौरान मनोज का नाम सामने आया था।
पुलिस ने मनोज को नोटिस भेजकर जांच में शामिल होने का आदेश दिया था।
आरोपी के जांच में शामिल न होने और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस ने आरोपी डायरेक्टर के खिलाफ निम्नलिखित धाराओं के तहत कार्रवाई की है:
भारतीय न्याय संहिता (BNS): धारा 318(4), 319।
कम्युनिकेशन एक्ट 2023: धारा 42(2)(A) और 42(3)(F)।
"प्रारंभिक जांच में इस गिरोह के तार फिलीपींस समेत कई अन्य देशों से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। यह एक बड़ा सिंडिकेट हो सकता है। मामले की बारीकी से जांच जारी है और जल्द ही अन्य गिरफ्तारियां संभव हैं।" — पुलिस प्रवक्ता
मुख्य बिंदु:
तकनीक का दुरुपयोग: सिम बॉक्स के जरिए विदेशी कॉल्स को बाईपास किया जा रहा था।
अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन: फिलीपींस और अन्य देशों के जालसाजों से जुड़ाव।
अगली कार्रवाई: पुलिस अब कॉल सेंटर के वित्तीय लेन-देन और अन्य सहयोगियों की तलाश कर रही है।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें