तीन दशकों की शानदार सेवा के बाद दिलवर हीरा रिटायर, गांव में बैंड-बाजों संग भव्य स्वागत
तीन दशकों की शानदार सेवा के बाद दिलवर हीरा रिटायर, गांव में बैंड-बाजों संग भव्य स्वागत
अब समाज सेवा और पंचायत में नई पारी की तैयारी !
ज्वाली : राजेश कतनौरिया /
ज्वाली विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत मैरा के गांव बुसकाड़ा से समाजसेवा और देशभक्ति की मिसाल बने दिलवर हीरा आज पंजाब सरकार के लेबर मंत्रालय में डायरेक्टर पद से सेवानिवृत्त हो गए। उनकी सेवानिवृत्ति एक लंबे और गौरवशाली प्रशासनिक सफर का अंत ही नहीं, बल्कि समाज सेवा की नई शुरुआत का संकेत भी है।
दिलवर हीरा ने अपने करियर की शुरुआत देश सेवा से करते हुए वर्ष 1985 में भारतीय वायु सेना में भर्ती होकर की। करीब 20 वर्षों तक देश की सेवा करने के बाद वे वर्ष 2005 में सेवानिवृत्त हुए। इसके बाद भी उनका सेवा का जज्बा कम नहीं हुआ और उन्होंने वर्ष 2009 में पंजाब सरकार के लेबर विभाग में अपनी जिम्मेदारी संभाली। लगभग 18 वर्षों तक अपनी उत्कृष्ट सेवाएं देने के बाद आज वे सम्मानपूर्वक रिटायर हुए।
सेवानिवृत्ति के बाद जैसे ही दिलवर हीरा अपने गांव पहुंचे, वहां का माहौल उत्सव में बदल गया। उनके पिता सूबेदार हरनाम सिंह, माता सरला देवी, पत्नी बिमला देवी (JBT), बेटे लेफ्टिनेंट कमांडर शुभम हीरा, बहू मेजर पलक हीरा, भाई कुलदीप हीरा, राजेश हीरा सहित पूरे गांववासियों ने फूल मालाओं और बैंड-बाजों के साथ उनका भव्य स्वागत किया।
गृह प्रवेश से पहले उन्होंने शनिदेव मंदिर और श्री अद्वैत संन्यास आश्रम में विधिविधान से पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया, जिसके बाद घर में प्रवेश किया।
दिलवर हीरा केवल एक सफल अधिकारी ही नहीं, बल्कि एक समर्पित समाजसेवी भी हैं। उन्होंने अपने शहीद भाई लखवीर सिंह की स्मृति में एक चैरिटेबल सोसाइटी का गठन कर पहले से ही गरीब और जरूरतमंद लोगों की सेवा का बीड़ा उठा रखा है।
अब, जब पंचायती चुनावों का समय नजदीक है, तो दिलवर हीरा समाज सेवा के इस मिशन को और आगे बढ़ाने के लिए पंचायत चुनावों में सक्रिय भागीदारी निभाने की तैयारी में हैं।
दिलवर हीरा का यह प्रेरणादायक सफर युवाओं के लिए एक मिसाल है—देश सेवा से लेकर समाज सेवा तक, उन्होंने हर भूमिका में खुद को साबित किया है।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें