जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित उपायुक्त हेमराज बैरवा की अध्यक्षता
जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित उपायुक्त हेमराज बैरवा की अध्यक्षता
धर्मशाला डीआरडीए सभागार, धर्मशाला में आज जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जिला कांगड़ा के विभिन्न योजना एवं विशेष क्षेत्रों में हो रहे अनाधिकृत निर्माण तथा अवैध प्लाटिंग की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में मंडलीय नगर योजनाकार, धर्मशाला श्री रसिक शर्मा ने जिला कांगड़ा के अंतर्गत आने वाले योजना क्षेत्रों, विशेष क्षेत्रों तथा फारेन व डीम्ड योजना क्षेत्रों के बारे में तथा उनमें लागू हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम योजना अधिनियम, 1977 के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने जिला कांगड़ा में हो रही अवैध प्लाटिंगध्कालोनियों तथा अनाधिकृत निर्माण के मामलों से भी सभा को अवगत करवाया।
उन्होंने बताया कि अवैध प्लाटिंग एवं कालोनियों के विकास के कारण लोगों को मूलभूत सुविधाओं जैसे पार्क, सड़कें, जल निकासी, सीवरेज व्यवस्था तथा बिजली और पानी जैसी सुविधाओं से वंचित रहना पड़ता है। विभाग द्वारा इन क्षेत्रों में अधिनियम लागू करने का मुख्य उद्देश्य इन क्षेत्रों का सुनियोजित एवं व्यवस्थित विकास सुनिश्चित करना है।
बैठक के दौरान जिला कांगड़ा में चिन्हित अवैध प्लाटिंग के मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने राजस्व विभाग को निर्देश दिए कि जिन मामलों में हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम योजना अधिनियम, 1977 की धारा 16-सी तथा रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट, 2016 लागू होते हैं, उनमें नगर एवं ग्राम योजना विभाग की अनुमति के बिना किसी भी प्रकार की रजिस्ट्री न की जाए, ताकि सुनियोजित एवं व्यवस्थित विकास को बढ़ावा दिया जा सके।
उपायुक्त ने नगर एवं ग्राम योजना, राजस्व, पुलिस, विद्युत, जल शक्ति तथा अन्य संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए कि वे अवैध प्लाटिंग एवं अनाधिकृत निर्माण के विरुद्ध समन्वित रूप से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें।
बैठक में अधिकारियों को हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम योजना अधिनियम, 1977 की धारा 83-। के प्रावधानों से भी अवगत कराया गया। इसके तहत बिना एनओसी के बिजली, पानी एवं सीवरेज कनेक्शन न देने तथा उल्लंघन की स्थिति पर उचित कार्यवाही के निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त यह भी निर्देशित किया गया कि विकास कार्य पूरी तरह नियमानुसार एवं योजनाबद्ध तरीके से किए जाएं, ताकि जिला कांगड़ा में संतुलित एवं व्यवस्थित विकास सुनिश्चित किया जा सके।
उपायुक्त ने कहा कि अवैध निर्माण न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे भविष्य में बुनियादी सुविधाओं के प्रबंधन तथा आपदा प्रबंधन से जुड़े जोखिम भी बढ़ जाते हैं। इसलिए सभी विभागों को सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा।
इस अवसर समस्त उपमंडल अधिकारी, राजस्व अधिकारी, नगर एवं ग्राम योजनाकार रसिक शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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