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सुंदरनगर में बीएड बेरोजगार यूनियन की बैठक, भर्ती प्रक्रिया तेज करने की मांग

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  सुंदरनगर में बीएड बेरोजगार यूनियन की बैठक, भर्ती प्रक्रिया तेज करने की मांग मंडी : अजय सूर्या /  हिमाचल प्रदेश बीएड बेरोजगार यूनियन की बैठक महादेव, सुंदरनगर में अध्यक्ष राजेश गौतम की अध्यक्षता में आयोजित हुई। इसमें प्रदेशभर से आए युवाओं ने भाग लिया। यूनियन ने बताया कि प्रदेश में करीब 2.5 लाख बीएड बेरोजगार हैं और टीजीटी के लगभग 1375 पद रिक्त पड़े हैं। सरकार से हर वर्ष नियमित कमीशन व बैच वाइज भर्ती करने, टीजीटी हिंदी-संस्कृत के पद भरने और घोषित 5500 शिक्षकों की भर्ती में टीजीटी पद स्पष्ट करने की मांग उठाई गई। इसके साथ ही पीजीटी पदों को हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से शीघ्र भरने और 50% बैच वाइज भर्ती लागू करने की भी मांग की गई। 45 वर्ष से अधिक आयु के अभ्यर्थियों के लिए बैच वाइज भर्ती को अंतिम अवसर बताया गया। यूनियन ने जल्द ही मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया। मांगें न माने जाने पर शांतिपूर्ण आंदोलन की चेतावनी दी गई।

चम्बा में किन्नर समाज के दो गुटों में विवाद, मामला महिला थाना पहुंचा

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  चम्बा में किन्नर समाज के दो गुटों में विवाद, मामला महिला थाना पहुंचा चम्बा : जितेंद्र खन्ना / हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले में किन्नर समाज के दो गुटों के बीच चल रहा विवाद अब बढ़कर महिला थाना तक पहुंच गया है। स्थानीय किन्नर समुदाय के एक पक्ष ने शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया है कि बाहरी क्षेत्र से आए कुछ लोग उनके निर्धारित इलाके में हस्तक्षेप कर रहे हैं और लोगों से अधिक पैसे वसूल रहे हैं। शिकायतकर्ता पक्ष का कहना है कि वे लंबे समय से जिले में शादी-ब्याह और बच्चों के जन्म जैसे शुभ अवसरों पर बधाई लेने की परंपरा निभाते आ रहे हैं। उनका आरोप है कि बाहरी किन्नर न केवल उनके तय क्षेत्र में आकर उनके जजमानों से ज्यादा धनराशि मांग रहे हैं, बल्कि उन्हें धमकियां भी दे रहे हैं। जानकारी के अनुसार, पहले चम्बा क्षेत्र की जिम्मेदारी विमला माई किन्नर के पास थी। उनके निधन के बाद यह जिम्मेदारी रूपा माई महंत को सौंपी गई, जो वर्तमान में अपने चेलों के साथ इस परंपरा को निभा रही हैं। रूपा माई का कहना है कि कुछ लोग “नकली किन्नर” बनकर उनके क्षेत्र में सक्रिय हो गए हैं, जिससे उनकी आजीविका पर असर पड़ र...

विद्युत बोर्ड पेंशनर फोरम नूरपुर इकाई की बैठक आज नूरपुर में संपन्न हुई

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  विद्युत बोर्ड पेंशनर फोरम नूरपुर इकाई की बैठक आज नूरपुर में संपन्न हुई   नूरपुर : विनय महाजन  /  नूरपुर विद्युत बोर्ड पेंशनर फोरम नूरपुर इकाई की एक बैठक प्रधान मान सिह की अध्यक्षता मेंआज विद्युत विश्राम गृह बोढ में संपन्न हुई ।इस बैठक को सम्बोधित करते हुए फोरम के सचिव अरूण सहोत्रा, उप प्रधान सुभाष चौधरी व ऑडिटर राजकुमार, कोषाध्यक्ष अशोक कुमार मुख्य सलाहकार जटू राम ने प्रेस के संयुक्त ब्यान में कहा कि हिमाचल प्रदेश के सरकारी विभागों से जिसमें जल शक्ति विभाग व स्वास्थ्य विभाग व लोक निर्माण विभाग जैसे सभी विभागों से 495 करोड़ रुपए के बिलों की बकाया राशि लंबित है इस राशि को बिजली बोर्ड की खाते में तुरंत जमा कराया जाए। अगर समय रहते लंबित बिलो का पैसा वापस बिजली बोर्ड में नहीं आता तो फिर तो विधुत प्रबंधक वर्ग इन विभागो पर कठोर कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि आज दिन तक 01 जनवरी2016 से 31मार्च 2022 अवधि के दौरान रिटायर हुए कर्मचारियों को रिबाइज लीव इन केसमेंट, ग्रेयूएटी और रिवाइस क्मयूट पेंशन की पेमेंट भी नहीं की गई।और ना ही 70 और 75 वर्ष आयु ...

मेले समृद्ध सभ्यता और संस्कृति के प्रतीक : केवल सिंह पठानिया

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  मेले समृद्ध सभ्यता और संस्कृति के प्रतीक : केवल सिंह पठानिया लंज मेले में लकी ड्रॉ में निकली ऐक्टिवा स्कूटी, वाशिंग मशीन और एलईडी शाहपुर : जनक पटियाल / लंज   हिमाचल प्रदेश के गांवों में होने वाले स्थानीय मेले आपसी भाईचारे, प्रेम और सद्भावना की अनूठी मिसाल यह उद्गार उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने लंज पंचायत के स्थानीय मेले में मुख्य अतिथि बनकर पहुंचने पर कहे। इस दौरान उनके साथ मेला कमेटी प्रधान गंधर्व सिंह, सदस्य कमल ठाकुर, ओम प्रकाश, जन्म सिंह, रंजीत सिंह, संजीव महाजन, संजय डोगरा, विनोद शर्मा, प्रमोद  पठानिया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। उप मुख्य सचेतक ने लोगों के बीच बैठकर कुश्ती देखने का भरपूर आनंद लिया संबोधन के दौरान उन्होंने मेला कमेटी को मेले के भव्य आयोजन के लिए बधाई दी।       उन्होंने कहा समय के साथ-साथ स्थानीय मेलों का स्वरूप और आकार भी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि मेले हमारी समृद्ध सभ्यता और सांस्कृतिक धरोहर के प्रतीक हैं। इन आयोजनों के माध्यम से न केवल आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा मिलता है, बल्कि ह...

हिमाचल प्रदेश में शराब की बोतलों पर QR कोड अनिवार्य: नई आबकारी नीति लागू

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  हिमाचल प्रदेश में शराब की बोतलों पर QR कोड अनिवार्य: नई आबकारी नीति लागू ​शिमला : गायत्री गर्ग /  हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रदेश की आबकारी व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और राजस्व चोरी रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार ने नई आबकारी नीति के तहत अब शराब की हर बोतल पर QR कोड (Quick Response Code) प्रणाली को अनिवार्य रूप से लागू कर दिया है। ​ मुख्य बिंदु: क्या है नई व्यवस्था? ​अनिवार्यता: 31 मार्च के बाद पैक की गई शराब की हर बोतल पर QR कोड होना अनिवार्य है। बिना कोड वाली नई बोतलों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। ​पुराना स्टॉक: राहत की बात यह है कि 31 मार्च से पहले का जो पुराना स्टॉक ठेकों पर उपलब्ध है, उसे बिना QR कोड के बेचने की अनुमति दी गई है। ​ट्रैकिंग और पारदर्शिता: इस प्रणाली से शराब के निर्माण से लेकर उसकी बिक्री तक की पूरी यात्रा को ट्रैक किया जा सकेगा। इससे अवैध शराब (Illegal Liquor) और मिलावट पर लगाम लगेगी। ​उपभोक्ताओं को लाभ: अब ग्राहक अपने स्मार्टफोन से कोड स्कैन करके बोतल की प्रामाणिकता, बैच नंबर ...

IIT मंडी के मनमाने कदमों से कक्षा 9-12 के माइंड ट्री स्कूल छात्रों का भविष्य खतरे में; मामला हाई कोर्ट में लंबित

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IIT मंडी के मनमाने कदमों से कक्षा 9-12 के माइंड ट्री स्कूल छात्रों का भविष्य खतरे में; मामला हाई कोर्ट में लंबित मंडी : अजय सूर्या / माइंड ट्री स्कूल 2017 से IIT मंडी के कैंपस में चल रहा है। उसी साल IIT मंडी ने अखबार में विज्ञापन देकर एक अच्छे शिक्षण संस्थान से CBSE से जुड़ा स्कूल खोलने के लिए प्रस्ताव मांगे थे। सभी मंजूरियों के बाद, IIT मंडी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स (BOG) की अनुमति से स्कूल शुरू हुआ और 33 साल की बिल्डिंग लीज़ पर समझौता हुआ।2017 से 2022 तक सब कुछ ठीक चला। लेकिन 2022 में नई स्कूल मैनेजिंग कमेटी (SMC) बनने के बाद समस्याएं शुरू हुईं। नियमों के अनुसार SMC की भूमिका सलाह देने की होती है, लेकिन IIT मंडी के कुछ सदस्यों ने रोज़मर्रा के कामों में दखल देना शुरू कर दिया। उन्होंने हम पर ऐसे फैसले मानने का दबाव डाला, जिससे पढ़ाई की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता था। हमने शिक्षा के स्तर से समझौता करने से मना कर दिया।इसके बाद आर्थिक परेशानियां खड़ी की गई। खाली जगहों पर भी किराया बढ़ा दिया गया, गलत तरीके से GST की मांग की गई (जो ट्रस्ट पर लागू नहीं होता), और कई बेवजह के मुद्दे उठाए ...

हिमाचल प्रदेश: नगर निकायों के अध्यक्ष पदों के लिए आरक्षण घोषित, महिला और SC/ST वर्ग के लिए सीटें तय

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हिमाचल प्रदेश: नगर निकायों के अध्यक्ष पदों के लिए आरक्षण घोषित, महिला और SC/ST वर्ग के लिए सीटें तय (चंबा ब्यूरो: जितेन्द्र खन्ना) हिमाचल प्रदेश सरकार के शहरी विकास विभाग (Department of Urban Development) ने प्रदेश के नगर निकायों (नगर परिषद और नगर पंचायत) में अध्यक्ष (Chairperson) के पदों के लिए आरक्षण की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। राज्यपाल की अनुमति के बाद प्रधान सचिव (UD) देवेश कुमार द्वारा 4 अप्रैल 2026 को यह सूची जारी की गई। हिमाचल प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1994 की धारा 12 के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए सरकार ने अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और महिलाओं (General) के लिए सीटें आरक्षित की हैं। आरक्षण का मुख्य विवरण: 1. अनुसूचित जाति (SC) वर्ग: कुल 10 निकायों में अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किए गए हैं, जिनमें से 5 सीटें SC महिलाओं के लिए सुरक्षित हैं: SC महिला: दौलतपुर (ऊना), चंबा, बंजार (कुल्लू), बिलासपुर और सुंदरनगर (मंडी)। SC (ओपन): महतपुर बसदेहड़ा (ऊना), नगरोटा बगवां (कांगड़ा), घुमारवीं (बिलासपुर), रोहड़ू (शिमला) और चिड़गांव (शिमला)। 2. अनु...

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