आउटसोर्स कर्मचारियों को भर्ती करने वाली तकरीबन 110 कंपनियां संदेह के घेरे में, विजिलेंस की जांच शुरू

आउटसोर्स कर्मचारियों को भर्ती करने वाली तकरीबन 110 कंपनियां संदेह के घेरे में, विजिलेंस की जांच शुरू 


फर्जी कंपनियां बिना सांठगांठ के नहीं पनप सकती हैं। ये कंपनियां कई साल से कमीशन ले रही हैं। इनके संचालक कौन हैं, इन्हें यह काम कब और किस सरकार के कहने पर मिला और इनके जीएसटी नंबर समेत सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।  

कुल 125 में से सिर्फ 15 कंपनियों ने अपना रिकॉर्ड जमा कराया। 110 कंपनियां रिकॉर्ड नहीं दे पाई थीं। प्रदेश में सरकारी विभागों, निगमों, बोर्डों और विश्वविद्यालयों में 27,633 आउटसोर्स कर्मचारी पिछले कई वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं।  

विधानसभा में भी आउटसोर्स पर कर्मचारियों को रखने वाली एक कंपनी का मामला उठा था। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भी इस कंपनी के खिलाफ जांच करने की बात कही है। इसी कड़ी में अब विजिलेंस ने कंपनियों का रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया है। पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में आउटसोर्स पर कर्मचारियों को भर्ती करने वाली कंपनियों का रिकॉर्ड मांगा गया था। कंपनियां बीते कई सालों से प्रदेश सरकार से करोड़ों रुपये का कमीशन वसूल रही हैं। लोगों ने भी विजिलेंस को इसकी शिकायत कर रखी है। 

टिप्पणियाँ

खबर को दोस्तों के साथ साझा करें:


हिमाचल मीडिया से जुड़ें:

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

10वीं ,12वीं ,ग्रेजुएट इच्छुक आवेदक करें आवेदन

सरकार बदलते ही सरकारी स्कूलों में बैग आबंटन पर रोक लगा दी

नशीले पदार्थों पर टैक्स में वृद्धि करने की मांग को लेकर उपायुक्त चम्बा डीसी राणा के माध्यम से केंद्रीय वित्त मंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया

ज्वाली: विवाहिता ने निगला जहरीला पदार्थ, गंभीर हालत में टांडा रैफर

कांगड़ा में भारी बारिश का रेड अलर्ट, कल सभी शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे

भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट: कांगड़ा जिला में कल बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज

90-90 मीटर के छक्के लगा रहे वैभव सूर्यवंशी, लगा ये सनसनीखेज आरोप

चंबा में सदवां के ट्रैक्टर मैकेनिक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत

हरसर देहरी की लड़की ने हाड़ा में खुद की वीडियो पर लिया यूं टर्न,कहा डिप्रेशन में बनाई थी वीडियो

वजीर राम सिंह राजकीय महाविद्यालय देहरी में लगी आग