87वीं बार रक्तदान कर आठ वर्षीय रिहान की बचाई जान, समाजसेवा की पेश की अनूठी मिसाल
87वीं बार रक्तदान कर आठ वर्षीय रिहान की बचाई जान, समाजसेवा की पेश की अनूठी मिसाल
1982 से मानवता की सेवा में जुटे हैं रजनेश कुमार शर्मा, 100 बार रक्तदान करने का लिया संकल्प; पत्नी सहित कर चुके हैं देहदान
जसूर : राकेश शर्मा /
सच्ची सेवा भावना हो तो उम्र और परिस्थितियां कभी आड़े नहीं आतीं। इस बात को जिला कांगड़ा के समाजसेवी रजनेश कुमार शर्मा ने अपने सेवा कार्यों से साबित कर दिखाया है। उन्होंने 87वीं बार रक्तदान कर आठ वर्षीय बच्चे रिहान की जान बचाने में अहम योगदान दिया है। उनका यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायक मिसाल बन गया है।
वर्ष 1982 से रक्तदान के माध्यम से मानवता की सेवा में जुटे रजनेश कुमार शर्मा अब तक 87 बार रक्तदान कर चुके हैं। उन्होंने 100 बार रक्तदान करने का संकल्प लिया है और जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं।
पतंजलि योग परिवार जिला कांगड़ा के योग प्रचारक रजिन्द्र सिंह ने प्रेस को जारी बयान में बताया कि वर्ष 2004 में विश्व विख्यात योगऋषि स्वामी रामदेव जी का सानिध्य प्राप्त करने के बाद रजनेश कुमार शर्मा ने प्रत्येक तीन महीने में नियमित रक्तदान करने का संकल्प लिया था। इसके बाद से वह लगातार इस पुनीत कार्य में जुटे हुए हैं।
उन्होंने बताया कि देश के किसी भी कोने में यदि किसी जरूरतमंद को रक्त की आवश्यकता होती है तो रजनेश कुमार शर्मा बिना किसी स्वार्थ के रक्तदान के लिए तैयार रहते हैं। उनके लिए रक्तदान केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का माध्यम है।
देहदान का संकल्प लेकर भी पेश की मिसाल
रजनेश कुमार शर्मा और उनकी पत्नी ने जीवन के बाद भी मानवता की सेवा जारी रखने का संकल्प लेते हुए देहदान किया है। उनका यह निर्णय समाज को निस्वार्थ सेवा और परोपकार का संदेश देता है।
87 बार रक्तदान कर चुके रजनेश कुमार शर्मा का 100 बार रक्तदान करने का लक्ष्य न केवल उनके दृढ़ संकल्प को दर्शाता है, बल्कि युवाओं को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करता है। आठ वर्षीय रिहान की मदद कर उन्होंने एक बार फिर साबित किया है कि किसी जरूरतमंद की जान बचाने से बड़ा कोई धर्म नहीं है।

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