28 फरवरी को ढालियारा राजकीय महाविद्यालय में धौलाधार की संस्कृति और साहित्य बोध पर विशेष कार्यशाला का आयोजन हुआ

 28 फरवरी को ढालियारा राजकीय महाविद्यालय में धौलाधार की संस्कृति और साहित्य बोध पर विशेष कार्यशाला का आयोजन हुआ. 🙏 


 कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एसडीएम देहरा शिल्पी बेक्टा, विशेष अतिथि में सुप्रसिद्ध लोकगायिका वर्षा कटोच, विख्यात कथाकार त्रिलोक मेहरा बतौर कार्यक्रम अध्यक्ष, दार्शनिक साहित्यकार पंकज दर्शी बतौर मुख्य संचालक और विशिष्ट अतिथि रहे । छात्रों के साथ कार्यशाला में अपनी अपनी रचनाओं के साथ साहित्यकार ज्योति धीमान, संजय मेहरा, दिनेश कुमार ने पहाड़ी साहित्य के साथ साथ काव्य की अन्य प्रस्तुतियां भी दी। काव्य और कला बोध पर पंकज दर्शी ने अपना शोध पत्र सभी श्रोतागण के साथ साझा किया । लोक गायकों में राशपाल गुलेरिया, एकता संजीवन, विनोद राणा ने लोक गीतों से समा बांधा । विशेष अतिथि वर्षा कटोच ने पूरे सभागार को अपने गीतों पर झूमने के लिए उत्साहित । झमाकड़ा पर छात्रों और अध्यापकों ने भी वर्षा कटोच के साथ सुर मिलाए । अपने वक्तव्य में महोदया शिल्पी बेक्टा ने अपनी कविता को तरन्नुम में सुनकर सभी श्रोतगणों को अपनी सुरीली आवाज से मंत्रमुग्ध किया । छात्रों की प्रस्तुतियों में निखिल प्रीति संगीत छात्रों के ग्रुप ने गुग्गा जार की बेहतर प्रस्तुति दी और बहुत सराहना बटोरी, वहीं बलजिंदर सिंह ने सितार पर पहाड़ी भजन "शिव कैलाशों के वासी " बजाकर सुनाया । अध्यपक गण में साहित्यकार डॉ अक्षय कुमार की कविता और शेरों ने खूब रंग जमाया । हिंदी और अंग्रेजी की सह आचार्या ने युगल बंधी में रुलाह दी कुल मार्मिक गीत की बेहतरीन प्रस्तुति दी । डॉ विनोद महाजन ने मंच संचालन की सफल भूमिका निभाई । कार्यक्रम के अध्यक्ष महोदय त्रिलोक मेहरा ने सभी की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन के लिए एसडीएम शिल्पी बेक्टा, चरणबद्ध संचालन के लिए साहित्यकार पंकज दर्शी और बहुत उम्दा व्यवस्था और प्रबंधन के लिए महाविद्यालय प्राचार्या डॉ अंजू चौहान प्रशंसा के पात्र हैं । एक दिवसीय लोक साहित्य और संस्कृति को पुनर्जीवित करने की कार्यशाला में अपनी प्रस्तुतियों के साथ हाजिरी लगाने वाले सभी साहित्यकार और लोक गायकों को महाविद्यालय प्राचार्या डॉ अंजू चौहान द्वारा विशेष धन्यवाद प्रकट किया और एसडीएम शिल्पी बेक्टा को आयोजन के लिए स्मृति चिन्ह धन्यवाद स्वरूप में भेंट किया । महाविद्यालय साहित्यिक संस्था द्वारा प्रस्तुति भागी सभी छात्रों और शिक्षकों को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र दिए गए । एसडीएम महोदया ने सभी लोक गायकों और साहित्यकारों को विशेष और सफल कार्यक्रम के लिए धन्यवाद दिया तथा स्मृति चिन्ह देकर सम्मान व्यक्त किया और अपने उद्गार के शब्द प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रतिभा संपन्न व्यक्तित्व को समाज में विशेष स्थान मिलना चाहिए ।

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